अभी-अभी: राम रहीम को मिली काले कर्मो की सजा, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

New Delhi:  पत्रकार रामचंद्र छत्रपति ह’त्याकांड मामले में कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम समेत 4 आरोपियों के खिलाफ सजा का ऐलान किया।  पंचकूला की स्पेशल CBI कोर्ट ने पत्रकार हत्याकांड में राम रहीम को उम्र कैद की सजा सुनाई है।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान गुरमीत राम रहीम ने जज के सामने हाथ जोड़े। आपको बता दें कि, वीडियो कांफ्रेंसिंग से जरिए गुरमीत राम रहीम की पेशी की गई थी।इस दौरान राम रहीम ने सामाजिक कार्यों का हवाला भी दिया। वहीं राम रहीम के वकील रहम ने कम से कम सज़ा की मांग की वहीं सीबीआई ने कोर्ट से फांसी देने की मांग की।

सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने राम रहीम को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

आपको बता दें कि 11 जनवरी को पंचकूला में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने राम रहीम को दोषी को करार दिया था। वहीं अब करीब 17 साल बाद पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के परिवार को इंसाफ मिला। पंचकूला सीबीआई अदालत ने  डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह  उम्रकैद की सजा सुनाई है। रहीम के अलावा 3 लोगों को दोषी माना हैं यानी मामले में धारा 302 और धारा 120 बी के तहत सभी चार आरोपियों को दोषी करार दिया गया था। राम रहीम रोहतक की जेल में बंद हैं।

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पत्रकार रामचंद्र छत्रपति केस में आने वाले फैसले के मद्देनजर ने पंचकूला, सिरसा, रोहतक और अंबाला में हाई अलर्ट जारी है। हरियाणा सरकार ने सीबीआई कोर्ट में याचिका दायर कर सजा सुनवाई के दौरान राम रहीम की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कराने की मांग की थी। सरकार ने दलील दी थी कि 25 अगस्त 2017 को जब डेरा प्रमुख को साध्वी मामले में पंचकूला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में लाया गया था तो डेरे के समर्थकों ने हंगामा कर दिया था।

24 अक्टूबर 2002 को पत्रकार की हुई थी हत्या

आपको बता दें कि साल 2002 में 24 अक्टूबर को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की गोली मारकर ह’त्या हुई थी, इस हत्या के पीछे गुरमीत राम रहीम का हाथ बताया जा रहा है, क्योंकि वह डेरे में होने वाले गलत कामों का खुलासा करते थे और इस मामले में 2007 में सीबीआई ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद गुरमीत सिंह राम रहीम को हत्या की साजिश रचने का आरोपी माना गया था। सीबीआई कोर्ट ने ही राम रहीम को साध्वियों के यौन शोषण मामले में 20 साल की सजा सुनाई थी। जब राम रहीम को सजा सुनाई गई थी तो हरियाणा के सिरसा और पंचकूला में हिंसा भड़क गई थी। यह हिंसा इतनी बड़ी थी कि इसमें 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल भी हुए थे।