गुजरात : शहरों में हेलमेट पहनने की अनिवार्यता खत्म, लोगों ने कहा था- इससे मेकअप बिगड़ता है

New Delhi : गुजरात सरकार ने बुधवार को शहरी इलाकों में हेलमेट पहनने की अनिवार्यता का नियम को खत्म कर दिया। कैबिनेट ने महानगर पालिका और नगर पालिका में हेलमेट की अनिवार्यता खत्म कर दी है। हालांकि, नेशनल-स्टेट हाईवे और पंचायत के रास्तों पर हेलमेट पहनना अनिवार्य है। नया नियम बुधवार से लागू हो गया है।

गुजरात पहला राज्य था जहां हेलमेट न पहनने पर जुर्माना घटाकर 500 रुपए कर दिया गया था। अब लोगों की परेशानी का हवाला देकर शहरी क्षेत्रों में अनिवार्यता ही खत्म कर दी गई है।

लोगों के अजीब तर्क : शादी समारोह में हेलमेट से परेशानी होती है। इससे मेकअप खराब हो जाता है। शुभ अवसरों पर जाते समय इससे दिक्कत होती है। श्मशान या शोकसभा में जाना हो, अर्थी को कंधा देते समय हेलमेट लेकर खड़ा रहना पड़ता है। यह बहुत खराब लगता है।

मार्च से अगस्त-सितंबर तक भयंकर गर्मी पड़ती है। गर्मी में हेलमेट पहनने से पसीना बहुत आता है। हेलमेट पहनने के कारण बगल या पीछे से आने वाले वाहनों का हॉर्न सुनाई नहीं देता। इससे दुर्घटना होने का खतरा रहता है। पीछे देखते समय दुर्घटना हो सकती है। सोशल मीडिया पर हेलमेट के नियम को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई थी। मुख्यमंत्री के होमटाउन राजकोट में नियम हटाने के लिए सरकार के खिलाफ अभियान शुरू हुआ था। यह सरकार के खिलाफ जा सकता है।