रियल हीरो हैं IPS जीएस मलिक..इन्होंने बदल दी 325 बच्चों की जिंदगी

New Delhi : पुलिसवाले भी अच्छे होते हैं और अच्छे-अच्छे काम करते हैं। एक पुलिसवाले का ऐसा काम हम आपको बताने जा रहे हैं जिसकी आप भी तारीफ ही करेंगे। गुजरात कैडर के IPS जीएस मलिक ने प्राथमिक पाठशाला में पढ़ने वाले 325 बच्चों की जिंदगी बदलकर रख दी।

दरअसल गुजरात के वड़ोदरा स्थित कवि दयाराम प्राथमिक शाला में पढ़ने वाले बच्चों को पूरे स्कूल के साथ एक ही हॉल में पढ़ना पड़ता था। पूरे स्कूल में सिर्फ एक हॉल ही ऐसा था जहां सारे स्कूल के बच्चे दो शिफ्टों में पढ़ते थे। IPS जीएस मलिक के प्रयासों से अब यह स्कूल पूरी तरह बदल चुका है और सुविधाओं के लिहाज से यह स्कूल प्राइवेट स्कूलों को भी टक्कर दे रहा है।

जीएस मलिक जब वड़ोदरा शहर के जॉइंट पुलिस कमिश्नर थे। उस वक्त उन्हें स्कूल में अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था। उन्होंने जब स्कूल में बच्चों की हालत देखी तो उनसे रहा नहीं गया। उन्होंने बच्चों की मदद करने का फैसला कर लिया। IPS जीएस मलिक ने बच्चों की समस्याओं के लिए राज्य सरकार से लेकर तत्कालीन प्रधान सचिव हसमुख अधिया तक अपनी बात पहुंचाई। राज्य सरकार की तरफ से उनकी बात सुनी गई और स्कूल को तीन मंजिला इमारत में बदलने के लिए बजट को पास कर दिया गया। जिसके बाद स्कूल के बच्चों के पास हर क्लास के लिए अलग अलग कमरे मिल गए।

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए मलिक ने बताया, जब मैं पहली बार इस स्कूल में गया था तो बच्चों को एक 50 साल पुरानी इमारत में बैठाया गया था। वह इमारत भी किराए की थी। उन्होंने कहा कि 30×25 फुट की इमारत के एक-एक कोने में कक्षा 4, 5, 6 और 7वीं के बच्चों को बैठाया जाता था। स्कूल में वॉशरूम की हालत भी सही नहीं थी। वहीं अब स्कूल में 13 कक्षाएं बन गई हैं जिसमें लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग वॉशरूम भी हैं।

कई लोगों के लिए शायद ये आम बात हो, स्कूल के बच्चों में इससे काफी परिवर्तन आया है और उनकी पढ़ाई अब और बेहतर ढंग से चल रही है। सभी बच्चे आईपीएस जीएस मलिक के शुक्रगुजार हैं, जिनकी बदौलत उन्हें अच्छा स्कूल मिल सका।