पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के बेटे और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगोड़ा के पोते की शादी

पूर्व CM/PM के घर कोरोना के लॉकडाउन में भव्य शादी, कानून दरवाजे पर ही गश खाकर गिरा

New Delhi: हमारे यहां प्रोग्राम कैंसिल हो रहे हैं। शादियां रद हो रही हैं। और तो और जरूरत पड़ने पर एसी-रेफ्रिजरेटर ठीक कराने के लिये मैकेनिक तक नहीं बुला पा रहे हैं। छोटी छोटी घर की जरूरतों, रोजमर्रा की चीजों के लिये भी चुनौती है। दूसरी ओर हैं नेता। कोरोना आपदा के इस सीजन और लॉकडाउन के बीच ऐसे भव्य आयोजन कर रहे हैं कि कानून उनके दरवाजे पर गश खाकर गिर गया।

पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के बेटे और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगोड़ा के पोते की शादी

फिलहाल हम बात कर रहे हैं कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के बेटे और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते निखिल कुमारस्वामी के शादी की। जिसका भव्य आयोजन हुआ। उसने कांग्रेस के पूर्व मंत्री एम कृष्णप्पा की पोती रेवती से शादी की। हालांकि दावा यह किया गया कि कोरोना वायरस लॉकडाउन की वजह से मेहमानों की संख्या कम रही और लोगों के देखने के लिए मंडप के पास बड़ी टीवी स्क्रीन्स लगाई गई थीं लेकिन भव्यता ऐसी कि आयोजन को पटरी पर लाने में ही 500 आदमी लग जायें।
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से करीब 30 किलोमीटर दूर रामनगर स्थित फॉर्महाउस में यह शादी समारोह आयोजित हुआ। समाचार एजेंसी एएनआई ने एक वीडियो जारी किया है, जिसे वहां मौजूद किसी गेस्ट ने रिकॉर्ड किया, उसमें मंडप के पास लगी टीवी स्क्रीन पर देखा जा सकता है कि किसी के चेहरे पर मास्क नहीं है और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याला रखा गया है। इसके अलावा, शादी की तस्वीरों में भी देखा जा सकता है कि मास्क पहनने और एक निश्चित दूरी बनाकर रखने के नियमों का भी ख्याल नहीं रखा गया है।
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री अश्वथ नारायण ने कहा कि मैंने रामनगर के डिप्टी कमिश्नर से रिपोर्ट मंगाई है। अगर हमें कार्रवाई करने की आवश्यकता होगी तो मैं पुलिस अधीक्षक से बात करूंगा, अन्यथा यह सिस्टम का पूरा मजाक होगा। इससे पहले उन्होंने कहा था कि अगर पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी अपने बेटे निखिल की शादी के दौरान दिशानिर्देशों का पालन नहीं करते पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ बिना सोचे कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि कुमारस्वामी ने एक सार्वजनिक बयान दिया है कि दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा। वह एक जन प्रतिनिधि हैं। वह लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में हैं। उन्हें दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए। चूंकि वे लंबे समय से जिम्मेदार पद पर रहे हैं, वह कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी रह चुके हैं, वह रामनगर से एक विधायक भी हैं, इसलिए कोविड-19 को लेकर नियमों के अनुसार उनके बेटे की शादी में दिशा-निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए। शादी के बाद कोई बहाना नहीं होना चाहिए, वह यह नहीं कह सकते कि लोग बिना निमंत्रण के आए।

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