सरकार ने कॉरपोरेट टैक्स घटा कर सिर्फ अमीरों का फायदा किया है गरीबों का नहीं- अखिलेश यादव

New Delhi: आर्थिक मंदी से जूझ रही देश की अर्थव्यवस्था में प्राण फूंकने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लिए गए कॉरपोरेट टैक्स को घटाने वाले फैसले पर रविवार को अखिलेश यादव ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा ये फैसला सिर्फ अमीर और उद्योगपतियों के हितों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इससे गरीबों की हालत में कुछ सुधार नहीं होगा।

यादव ने लखनऊ में मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा, “अगर किसी किसान का पैसा समय पर उसके खाते में आता है और उसे अपने खेत की उपज का सही मूल्य मिलता है तो यह अच्छा लगेगा। लेकिन ये साफ है कि सरकार द्वारा कॉरपोरेट टैक्स में कमी करने वाले फैसले से गरीब लोगों को कोई फायदा नहीं होने वाला है।”

बता दें बीते शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अर्थव्यवस्था में जान डालने के लिए प्रोत्साहन उपायों के रूप में कॉर्पोरेट कर की दर को 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत करने की घोषणा की थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से जून तिमाही में आर्थिक विकास दर सात साल के सबसे निचले स्तर पर आ गई है। जो इस समय 5 फीसदी पर बनी हुई है। ये जून तिमाही से धीमी होना शुरू हुई है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने एक बयान में कहा था कि यह मंदी बड़े पैमाने पर विनिर्माण क्षेत्र और कृषि उत्पादन में तेज गिरावट के कारण आई थी।

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1 अक्टूबर 2019 से कोई भी नई घरेलू कंपनी के निर्माण में निवेश करने पर 15% की दर से आयकर का भुगतान करना होगा। निर्मला सीतारमण ने कहा कि न्यूनतम वैकल्पिक कर (MAT) पर राहत देते हुए इसकी दरों में कमी की गई है।

अध्यादेश के माध्यम से कर में कटौती और राजकोषीय राहत लाते हुए, सरकार ने शुक्रवार को आर्थिक मंदी के बीच विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए सभी सरचार्ज और सेस को मिलाकर घरेलू कॉर्पोरेट कर को प्रभावी 25.17 प्रतिशत कर दिया था।