गोपाष्टमी पर करें गाय की पूजा..दूर होगी सारी परेशानी-घर में आएगा सुख और समृद्धि

New Delhi : आज गोपाष्टमी है। कार्तिक माह में शुक्ल पक्ष अष्टमी को गोपाष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन गाय और गोविंद की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने पहली बार गाय चराई थी।

गोमाता को पृथ्वी पर साक्षात देवी के समान माना जाता है। कहा जाता है कि गाय की देह में समस्त देवी-देवताओं का वास है। इसलिए गो पूजन से सभी देवता प्रसन्न होते हैं। गोपाष्टमी के दिन ग्वालों को दान करना चाहिए। गाय को हरा चारा एवं गुड़ खिलाना चाहिए। कहा जाता है कि गोपाष्टमी के दिन गाय के नीचे से निकलने से पुण्य प्राप्त होता है। वैतरणी पार करने के लिए गोदान का महत्व बताया गया है।

माना जाता है कि गो माता जिस जगह खड़ी रहकर आनंदपूर्वक चैन की सांस लेती है, उस जगह से सारे वास्तु दोष दूर हो जाते हैं। काली गाय की पूजा करने से नौ ग्रहों की पीड़ा शांत होती है। गो माता की पूंछ में हनुमानजी का वास माना जाता है। गो माता चौदह रत्नों में एक हैं। मान्यता है कि गाय अगर अपने जीभ से हथेली पर रखे गुड़ को चाटती है तो किस्मत खुल सकती है। प्रात: स्नान कर गोमाता को स्पर्श करने से पापों से मुक्ति मिलती है। गाय के पैरों में लगी मिट्टी का तिलक करने से तीर्थ का पुण्य प्राप्त होता है। गो सेवा से घर में सुख-समृद्धि आती है। जिस घर में गो ग्रास निकाला जाता है, वहां अन्न-धन की कभी कमी नहीं होती है