फारूक अब्दुल्ला पर गिरिराज का पलटवार, सनातन धर्म से होते तो समझ पाते राममंदिर का मतलब

NEW DELHI: Jammu kashmir के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah ने राम मंदिर पर बयान दिया। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि भगवान राम तो पूरे दुनिया में व्याप्त सहैं, तो फिर उनका मंदिर अयोध्या में ही क्यों बने, इस बयान के बाद राजनीति गलियारों में हलचलें तेज हो गई हैं। इस बयान पर केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण की समझ उन्हें नहीं आयेगी, क्योंकि इसे समझने के लिए उन्हें सनातन धर्म में जन्म लेना होगा।

गिरिराज ने कहा कि हजरत साहब का बाल 1963 में गायब हो गया, इस पर पंडित नेहरू परेशान क्यों हो गए। आज राम की जन्म स्थल पर हम मंदिर बनाना चाहते हैं तो फारूख साहब परेशान हो रहे हैं। गिरिराज ने कहा कि वो मक्का ही हज करने के लिए क्यों जाते हैं, क्या हम मंदिर मक्का और पाकिस्तान ले जाएं। गिरिराज ने कहा कि हमें नसीहत न दें, फारूक साहब करोड़ों लोगों को इनता न दबाएं कि बर्दाश्त न कर सके।

Union Minister Giriraj Singh

गिरिराज सिंह यही नहीं रूके, उन्होंने आगे काशी और मथुरा को पर भी अपना बयान दिया। उन्होंने कहा कि काशी और मथुरा में हमारे आराध्य हैं, नेहरू की गलतियों के कारण ये सब हालात पैदा हुए है। गिरिराज सिंह ने कहा कि जब सोमनाथ बना था, उसी समय काशी, मथुरा और अयोध्या भी बना दिया गया होता तो आज यह दिन न देखने को मिलते। आज 70 साल हो गए, इसे देरी नहीं तो क्या कहा जाये।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि कांग्रेस नेता मनीष तिवारी की किताब ‘फेब्लस ऑफ फ्रेक्चरर्ड टाइम्स’ के लॉन्च पर फारूख अब्दुल्ला ने राम मंदिर बनने पर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण क्यों होना चाहिए जबकि राम सर्वव्याप्त है और पूरी दुनिया के भगवान हैं। आपको बता दें कि राम मंदिर पर आये दिन किसी न किसी नेता का विवादित बयान सामने आ रहा हैं।