अनोखी पहल— गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने बनाया ‘बर्ड-फ्लैट’, पक्षियों को रहने ​के लिए मिलेगा घर

New Delhi: पृथ्वी सिर्फ हमारा ​घर ही नहीं है इस पर उनका बेजुबान जानवरों का भी उतना ही हक है जिनको ईश्वर ने इस सृष्टि पर जन्म दिया है। लेकिन बड़े ही अफसोस की बात है कि हम कभी इस बात को मानते ही नहीं कि इस धरा पर उन जानवरों-पक्षियों को भी रहने-खाने का उतना ही हक है जितना कि हमे। जगह-जगह पर इंसान अपने पैर पसार रहे हैं और इस वजह से जानवरों के रहने की जगह सिकुड़ती जा रही है। लेकिन इस बात को समझते हुए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने एक बहुत ही अनोखी पहल की है।

उन्होंने अपने वाइस-चैयरपर्सन के अधिकारिक निवास पर छोटी चिडियों के रहने के लिए ‘बर्ड-फ्लैट’ बनाया है। इसमें छोटी चिड़ियों के ​रहने के लिए 60 यूनिट हैं, जिसमें वो पूरी तरह से सुरक्षित रह सकती हैं।

अधिकारियों ने बताया कि ये बहुमंजिला ‘बर्ड फ्लैट’ एक लोहे के खंभे पर बनाया गया है और इसको सुरक्षित रखने के लिए इसे छतरी के आकार के एक कवर से ढका भी गया है।

जीडीए की उपाध्यक्ष कंचन वर्मा ने बताया कि इसका मकसद अपार्टमेंट में रह रहे लोगों की प्रकृति के साथ नज​दीकियां बढ़ाना भी है। कंचन ने बताया कि इसको बनाने पर करीबन 2 लाख रुपये का खर्च आया है। उन्होंये ये भी कहा कि हम निजी बिल्डरों से अनुरोध करेंगे कि वे अपनी बिल्डिगों में कम से कम एक ऐसा स्ट्रक्चर बनाएं।

कंचन ने बताया कि ऐसा पहला स्ट्रक्चर गार्डन में बनाया गया है जहां पर पक्षियों के लिए पानी भी है। मुझे पक्षियों को खिलाने की जिम्मेदारी दी गई है। हमने बिल्लियों और कुत्तों से पक्षियों को बचाने के लिए लोहे का एक पोल लगाया है अथॉरिटी के वाइस चेयरपर्सन ने कहा कि यह एक पायलट प्रोजेक्ट है और जल्द ही जीडीए की अन्य आवासीय योजनाओं में और नए स्ट्रक्चर सामने आएंगे।