पूरे दस योगों में पड़ रहा है इस बार का गंगा दशहरा, लाखों की संख्या में भक्त लगा रहे डुबकी

New Delhi:  गंगा दशहरा का पर्व आ गया है। हरिद्वार में लाखों श्रद्धालुओं का जमवाड़ा लग चुका है। इस बार का गंगा दशहरा का पर्व पूरे दस योगों में पड़ रहा है। इसके अलावा 678 सालों के बाद ऐसी गंगा दशमी पड़ी है। ज्योतिषियों का मानना है कि इस गंगा दशमी के दिन गंगा में डुबकी लगाने वालों को ज्यादा फल मिलेगा। श्रद्धालु भी इससे मिलने वाले पुण्य को कमाना चाहते हैं इसलिए सोमवार से ही लोगों ने गंगा स्नान के लिए आना शुरू कर दिया था।

आपको बता दें कि गंगा स्नान शुरू हो चुका है। भक्त सूर्योदय से पहले गंगा में डुबकी लगा रहे हैं और शाम तक ऐसा ही नजारा देखने को मिलेगा। हर साल ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन मनाया जाने वाला गंगा दशहरा इस बार खास इसलिए भी है क्योंकि परिधावी संवत में यह 60 साल बाद पड़ रहा है। ज्योतिषियों ने बताया कि हर साल पांच से सात योग ही पड़ते हैं। लेकिन इस बार दस योग एक साथ पड़ रहे हैं। अगले दिन यानि कल निर्जला एकादशी का बड़ा स्नान होगा। इसके अलावा इस बार का पवित्र गंगा स्नान आनंद योग और हस्त नक्षत्र में हुआ।

दशहरे का स्नान दिलाता है मानसिक तापों से मुक्ति

हिंदू धर्म की मान्यता है कि दस योग में जो स्नान करता है उसे दुगुने फल की प्राप्ति होती है। इसके अलावा आनंद योग और हस्त नक्षत्र जल्दी एक साथ नहीं पड़ते हैं। इस बार दशमी के दिन दोंनों नक्षत्र साथ पड़े  हैं। ऐसा माना  जाता है कि ऐसे शुभ योग में गंगा स्नान करने वाले के शरीर से दस प्रकार के कायिक पाप धुल जाते हैं। इसके अलावा मानसिक परेशानियां भी दूर होती हैं।

गंगा में करना चाहिए दस प्रकार की वस्तुओं का दान

हिंदू धर्म के शास्त्रों में कहा गया है कि दशहरे के दिन गंगा स्नान करने से दस जन्मों का पाप धुल जाता है। इस दिन गंगा में दस प्रकार की वस्तुओं का दान करना चाहिए। इस दिन गंगा में मछली छोड़ने से राहु- केतु का दोष समाप्त हो जाता है। इसके अलावा और भी कई प्रकार की मान्यताएं हैं। कहते हैं गंगा दशहरे के दिन जीवन की एक बुराई को हमेंशा को लिए छोड़ देना चाहिए।