फारूक की हिरासत पर BJP: आपातकाल में एक की कुर्सी बचाने के लिए 36 सांसदों की हुई थी गि’रफ्तारी

New Delhi: संसद के शीतकालीन सत्र का आज तीसरा दिन है और सदनों की कार्यवाही जारी है। आज बुधवार को राज्यसभा में जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को हि’रासत में रखे जाने पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि समय- समय पर देशहित में कुछ कदम उठाने पड़ेंगे।

रेड्डी ने कहा, ‘आ’पातकाल के दौरान एक व्यक्ति की कुर्सी बचाने के लिए 36 सांसदों को गिर’फ्तार किया गया था जबकि हम कानून और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए काम कर रहे हैं।’

किशन रेड्डी ने कहा कि अभी केवल 609 लोग जे’ल में हैं। बाकी को हमने रिहा कर दिया है। उन्होंने बताया कि 5 अगस्त को प’थराव करने वालों, अलगाववादियों और कुछ राजनीतिक नेताओं सहित कुल 5,161 लोगों को गि’रफ्तार किया गया था।

बता दें कि मंगलवार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के राज्यसभा सदस्य मीर मोहम्मद फैयाज ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों- फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत राज्य के सभी नेताओं को रिहा करने की मांग की।

वहीं जम्मू-कश्मीर पर राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि 5 अगस्त के बाद (जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद) पुलिस फा’यरिंग में एक भी व्यक्ति की मौ’त नहीं हुई है। लोग खू’न खराबे की भविष्यवाणी कर रहे थे, लेकिन मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि पुलिस फा’यरिंग में किसी की मौ’त नहीं हुई है। प’थराव की घ’टनाओं में गिरावट आई है। शाह कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के सवालों का जवाब दे रहे थे। शाह ने इंटरनेट सुविधा वापस शुरू होने के सवाल के जवाब में कहा कि हमने स्थानीय प्रशासन से स्थिति का जायजा लेने के लिए कहा है। इसके बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा।

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