अमृतसर: स्वर्ण मंदिर में प्रार्थना करने पहुंचे ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट

New Delhi: रविवार को ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर पहुंचे। समीति ने उनका स्वागत किया। यहां उन्होंने प्रार्थना तो की ही साथ ही सेवा में भी भागीदार बने। उन्होंने सिख पुरुष की तरह सिर पर पगड़ी पहन रखी थी। गुरुद्वारा समिति ने उन्हें जाते वक्त भेंट स्वरूप मंदिर का प्रतीक चिह्न दिया।

देश में इस साल सिखों के पहले गुरू गुरूनानक देव जी का प्रकाश पर्व मनाया जा रहा है। इस मौके पर सिख परंपरा को जानने के लिए विदेशों से बड़ी बड़ी हस्तियां आ रही हैं। हाल ही में ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स पिछले दिनों भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आए थे, ने दिल्ली के गुरुद्वारा बंग्ला साहिब का दौरा किया। जहां गुरूद्वारा कमीटी ने उनका भव्य स्वागत किया। गुरूद्वारे की परंपरा को जानने के लिए वो विशाल रसोई में भी गए और वहां रोटियां भी सेंकी।

आपको बता दें यह प्रिंस चार्ल्स की भारत की 10 वीं आधिकारिक यात्रा है। राष्ट्रीय राजधानी में उनकी मुलाकात राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के साथ होनी है जो द्विपक्षीय बैठक मानी जा रही है।

ब्रिटिश उच्चायोग के एक बयान में कहा गया है कि वह सामाजिक विकास के क्षेत्र में अपने अनुकरणीय योगदान के लिए एक भारतीय विजेता को राष्ट्रमंडल ‘प्वॉइंट ऑफ लाइट’ पुरस्कार भी देंगे। जिसमें विकलांग बच्चों का उत्थान, परिवार परामर्श और चिकित्सा सत्र शामिल हैं।

बता दें ये साल सिख समुदाय के लिए बेहद पावन और महत्वपूर्ण है। इस नवंबर न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में सिखों के पहले गुरू श्री गुरूनानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व मनाया जा रहा है। उनकी जंयती को प्रकाश पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। कार्तिक पूर्णिमा को प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष गुरू नानक देव जी की जयंती 12 नवंबर दिन मंगलवार को पड़ रही है। इस दिन गुरु नानक देव के जीवन और उनकी दी हुई शिक्षाओं को याद करने के लिए कई प्रकार की गतिविधियों का आयोजन किया जाता है