भूल जाइये फेकनोट के मामले- चेन्नई में एक युवक ने SBI की फेक ब्रांच ही खोल दी, बैंकवाले चकराये

New Delhi : धूम सीरीज की नई फिल्म इस पाटकथा पर बनाई जा सकती है। यह एक बेहतरीन स्क्रिप्ट है। रीयल में। जी हां, हम बात कर रहे हैं भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के एक फेक ब्रांच की। तमिलनाडु में में स्टेट बैंक का यह फेक ब्रांच पिछले तीन महीने से संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक आरोपी के माता-पिता रिटायर बैंक कर्मचारी रहे हैं। गिरफ्तार किये गये बाकी दो आरोपियों में से एक प्रिंटिंग प्रेस चलाता है, जहां से सभी रसीदें, चालान और बाकी दस्तावेज प्रिंट किये गये थे। जबकि दूसरा प्रिंटिंग रबर स्टाम्प में था।

आरोपियों ने तीन महीने पहले ही SBI की फर्जी बैंक शाखा खोली थी। राहत की बात यह है कि अभी तक इसमें नये खाते नहीं खुल पाये थे। इससे पैसों का लेनदेन नहीं हो सका है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है। नकली SBI शाखा तमिलनाडु के कुड्डालोर जिले के पन्रुति में खोली गई थी। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 473, 469, 484 और 109 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक, एसबीआई के एक पूर्व कमर्चारी के बेटे कमल बाबू (19) ने फर्जी बैंक में कंप्यूटर, लॉकर, फर्जी कागज और अन्य चीजें रखकर इसे एकदम बैंक जैसा बनाया था। पुलिस ने कमल के साथ-साथ ए कुमार (42) और एम मणिकम (52) को भी गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने लॉकडाउन के बीच अप्रैल में ही ब्रांच खोली थी। कमल बाबू एसबीआई बैंक के एक पूर्व कर्मचारी का बेटा है और उसकी मां 2 साल पहले ही एक बैंक से रिटायर हुई हैं।
पिता के बैंक में लगातार आने-जाने के कारण कमल को बैंक के कामकाज के बारे में काफी हद तक जानकारी हो गई थी। पिता के गुजर जाने के बाद कमल ने नौकरी के लिये कई जगह अप्लाई किया, मगर नौकरी नहीं मिली। नौकरी मिलने में देरी हुई तो उसने अपनी ही फर्जी ब्रांच खोल ली। पुलिस ने बताया – फिलहाल किसी ग्राहक ने नुकसान की सूचना नहीं दी है। कमल ने अपनी सफाई में कहा है कि उसने किसी के साथ धोखाधड़ी करने के लिये बैंक नहीं खोली थी।

एक ग्राहक की सूचना पर जब वास्तविक बैंक शाखा के प्रबंधक ने फर्जी बैंक शाखा का दौरा किया तो वह पूरी तरह से हैरान रह गये। आरोपियों ने फर्जी बैंक ब्रांच को बिल्कुल SBI बैंक शाखा का रूप दे रखा था। यहां तक कि वहां काम आने वाले ई-चालान, रसीदें और रंग-रोगन भी बिल्कुल असली शाखा जैसा ही था। शाखा का पूरा सिस्टम और इन्फ्रास्ट्रक्चर भी असली बैंक शाखा जैसा ही था। फिलहाल, तीनों आरोपी जेल में हैं और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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