चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम योग्यता और अधिकतम उम्र वाली याचिका दिल्ली हाई कोर्ट में खारिज

New Delhi: दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को देश में चुनाव प्रक्रिया की समीक्षा करने वाली एक याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में कहा गया था कि चुनाव लड़ने के लिए आवश्यक न्यूनतम योग्यता और उम्मीद्वार की अधिकतम आयु तय की जाए। याचिकाकर्ता का कहना था कि वही चुनाव लड़ सके जो निर्धारित योग्यता रखता हो और एक अधिकतम उम्र भी तय की जाए जिससे ज्यादा बुजुर्ग उम्मीद्वार चुनाव न लड़ सके।

मुख्य न्यायाधीश डी. एन. पटेल की खंडपीठ ने अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा कि यह अदालत का विशेषाधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि इस पर विचार संसद को करना चाहिए। हम उनके विवेक पर इसे छोड़ते हैं।

अदालत ने कहा, “स्नातक तक पढ़े होना ज्ञान का एक पैमाना नहीं है। यह सब एक व्यक्ति की जीवंतता और काम के प्रति उसके उत्साही दृष्टिकोण पर निर्भर करता है।” अदालत ने यह भी कहा कि उम्र की सीमा को लागू करना असंभव है क्योंकि “कुछ व्यक्ति जो ज्यादा उम्र के हैं वो अच्छा विवेक रखते हैं और कई युवा बड़ी उम्र की तरह सोचते हैं।”

उपाध्याय ने अपनी याचिका में विधि आयोग से न्यूनतम योग्यता और अधिकतम आयु सीमा के मुद्दे पर एक रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश देने की मांग की। इसे लागू करने के लिए चुनाव आयोग को निर्देश जारी करने की भी मांग की।

बीते साल लोकसभा चुनाव लड़ने की उम्र कम करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई जनहित याचिका खारिज कर दी गई थी। याचिका के जरिए सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई थी कि लोकसभा चुनाव में खड़े होने वाले प्रत्‍याशी की उम्र 25 से घटाकर 18 की जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई से इंकार कर दिया था।