तमिलनाडु जल संकट: कल पानी लेकर चेन्नई पहुंचेगी पहली ट्रेन, लोगों को मिलेगी राहत

New Delhi: जल संकट से जूझ रहे चेन्नई के लिए एक राहत की बात यह है कि कम पानी लेकर पहली ट्रेन चेन्नई पहुंचेगी। पिछले दिनों  तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एडप्पादी पलानीसामी ने घोषणा की थी कि वेल्लोर जिले में जोलारपेट्टई से  पानी लेकर रेल चेन्नई में पहुंचाई जाएंगी। 2.7 मिलियन लीटर पानी (MLD)  लेकर पहली रेल शुक्रवार सुबह विल्लीवाकम रेलवे स्टेशन तक पहुंच जाएगा। स्थानीय निकाय मंत्री एसपी वेलुमणि के इस अवसर पर आयोजित समारोह में भाग लेने की उम्मीद है। जब वैगन स्टेशन पर आएगा तो समारोह शुरु होगा।

अधिकारियों ने कहा कि अगले छह महीनों तक हर दिन शहर में लगभग 11 mld पानी प्राप्त करने के साथ चार रेल चलाई जाएंगी। बुधवार को मेट्टू सकराकुप्पम पंपिंग ज़ोन से जोलारपेट्टई रेलवे स्टेशन पर भरने के लिए एक ट्रायल रन किया गया। विलीवाकम रेलवे स्टेशन में प्राप्त पानी को शहर के विभिन्न हिस्सों में निवासियों को वितरण से पहले निरीक्षण के लिए किलपुक जलकुंड में पंप किया जाएगा।

50 वैगन वाली दो ट्रेनों को इस काम के लिए लगाया गया है। तमिलनाडु सरकार ने इस उद्देश्य के लिए वेल्लोर में  लगभग 30 mld पानी का अधिशेष किया है। वेल्लोर कंबाइंड ड्रिंकिंग वाटर सप्लाई स्कीम जिसमें कावेरी नदी के पानी का इस्तमाल किया जाता है। इस स्कीम को 2015 में लॉन्च किया गया था।

21 जून को, चेन्नई में पानी की भारी कमी को संबोधित करते हुए  मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने घोषणा की कि 10 महीने तक पीने का पानी वेल्लोर से चेन्नई तक छह महीने तक पहुँचाया जाएगा। राज्य सरकार ने इस योजना के लिए 65 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की है।

पिछले कई दिनों से पानी की कमी के चलते चेन्नई सहित तमिलनाडु के कई हिस्सें पानी की भारी कमी से जुझ रहे हैं। इसी के चलते विपक्ष ने भी सरकार को घेरने की कोशिश की है। राज्य में जगह जगह पर पानी की कमी के चलते वि’रोध प्र’दर्शन भी किए गए हैं।