छत्तीसगढ़ के कसलपाद गांव में आजादी के बाद पहली बार फहराया गया तिरंगा

New Delhi: देश भर में आज स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है। देश में हर जगह तिरंगा लहराया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में 206 कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रिजॉल्यूट एक्शन) और सीआरपीएफ की 150 बटालियन ने सुकमा क्षेत्र में स्थानीय लोगों के साथ स्वतंत्र दिवस मनाया है। यहां पर नक्सल प्रभावित कसलपाद गांव में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इसी गांव में 1 दिसंबर 2014 को नक्सलियों के हमले में सीआरपीएफ के 14 जवानों ने अपनी जान गंवा दी थी।

आजादी के बाद पहली बार कसलपाड़ा में तिरंगा फहराया गया। चिंतागुफा में तैनात बीसीओआरए 206 और सीआरपीएफ 150 बटालियन एक ऑपरेशन पर थे जब कसालपाड़ा के पास एक विस्फोट हुआ। कोई भी जवान इस विस्फोट में घायल नहीं हुआ और सेना ने कस्पलपाड़ा में भी स्वतंत्रता दिवस मनाने का फैसला किया।


पिछले कुछ दिनों में छत्तीसगढ़ में आतंकी गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। राज्य में शांति के माहौल को बढ़ावा देने के लिए इस तरह की गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

इससे पहले छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा के भेजी क्षेत्र में 13 साल बाद बंद स्कूल को दौबारा शुरू किया गया था। इस स्कूल को प्रशासन द्वारा क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल बनाने के उद्देश्य से शुरू किया जा रहा है। स्थानीय बच्चों के लिए यह एक राहत कि खबर है। जब स्कूल के गेट्स एक बार फिर से बच्चों के लिए खुल गए हैं तो क्षेत्र में माहौल भी सुधरने की उम्मीद की जा रही है।