हाथरस में भगवान हनुमान का ‘जाति प्रमाणपत्र’ बनवाने तहसील पहुंचे लोग, राज्यपाल ने नाम सौंपा ज्ञापन

NEW DELHI: राजस्थान विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान 27 नवंबर को अलवर में प्रचार करते हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा बजरंगबली पर दिए गए बयान पर विवाद अभी तक जारी हैं। इस कड़ी में आज राष्ट्रवादी समान अधिकार समिति संगठन और सवर्ण पिछड़ा एकता मंच के कार्यकर्ताओं ने भगवान हनुमान का जाति प्रमाणपत्र बनवाने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय में आवेदन करने पहुंचे। संगठन के कार्यकर्ताओं ने इस संबंध में एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।

हनुमान जी का जाति प्रमाण पत्र बनवाने के आवेदन को लेकर हाथरस जिलाधिकारी रमाशंकर मौर्या ने बयान देते हुए कहा कि जो जहां का निवासी है उसका प्रमाण पत्र वहीं बनेगा। आपको बता दें कि इस बयान को लेकर खूब चर्चा हो रही हैं और तरह-तरह के बयान भी सामने आ रहे हैं। यूपी के कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान कहा कि, हनुमान एक खिलाड़ी थे। उन्होंने कहा कि हनुमान जी कुश्ती लड़ते थे, खिलाड़ी भी थे, जितने भी पहलवान लोग हैं, उनकी पूजा करते हैं। साथ ही वह कहते हैं, मैं भी उनको वही मानता हूं, वह हमारे ईष्ट हैं, भगवान की कोई जाति नहीं होता।

Hanuman ji

बीजेपी सांसद उदित राज ने हनुमान जी को आदिवासी बताया था। तो कीर्ति आजाद ने हनुमान जी को चीनी बता दिया। कीर्ति आजाद कहते हैं, हनुमान जी चीनी थे। आगे वह कहते हैं कि, चीनी लोग इस बात का दावा भी कर रहे हैं कि हनुमान जी चीनी थे। वहीं भारतीय जनता पार्टी के नेता बुक्कल नवाब ने भी हनुमान जी को लेकर विवादित बयान दिया था। जिसकी वजह से काफी हलचल देखने को मिली। वह कहते हैं कि, मुसलमानों के नाम ही रहमान, सुल्तान, इमरान, जीशान, रेहान जैसे होते है और उसी तरह हनुमान नाम भी मुसलमान का है। हिंदुओं में आपको ऐसे नाम नहीं मिलेंगे, सिर्फ हनुमान नाम मिलेगा। इसलिए हनुमान जी मुसलमान थे।

आपको बता दें कि चुनाव प्रचार के दौरान मालाखेड़ा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि एक ऐसा लोक देवता हैं, जो अब स्वयं वनवासी हैं, गिरवासी हैं, दलति हैं, वंचित हैं। पूरे भारतीय समाज को उत्तर से लकेर दक्षिण तक और पूरब से लेकर पश्चिम तक सबको जोड़ने का काम बजरंग बली करते हैं। योगी आदित्यनाथ के इस बयान के बाद हंगामा शुरू हो गया।