राज्य के दूसरे इलाकों में भी पाँव पसार रहा चमकी बुखार, सलामती के लिए दुआ मांग रहे हैं लोग

New Delhi: बिहार में बच्चों के मौत का का क़हर लगातार जारी है। कल यानी बुधवार को मौत के कहर का 19वां दिन था। हर दिन बच्चे मर रहे हैं। एक अखबार के स्थानीय संस्करण की एक खबर के मुताबिक कल भी यानी बुधवार को 11 और मौतें हुई। इस बिमारी को विज्ञान की भाषा में ‘एईएस’, यानी एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम कहे जाने वाले इस बिमारी को स्थानीय लोग चमकी बुखार कहते हैं। यह बीमारी अब तक मुजफ्फरपुर और उसके आस-पास के  जिलों तक ही सीमित थी। लेकिन अब इस बीमारी ने राज्य के दूसरे इलाकों में भी पाँव पसारना शुरू कर दिया है।  

भागलपुर के मायागंज अस्पताल में 24 घंटे में ही तीन बच्चों को मौत हो गई। बेतिया , बेगूसराय में नए मरीज भर्ती कराये गए हैं। मुजफ्फरपुर में कल 8 मौतें हुई। और 32 और नए बच्चे भारती कराये गए हैं।
चमकी बुखार के भय से भगवानपुर प्रखंड के एक गाँव से कुछ लोगों के पलायन कर जाने की भी ख़बरें आ रहीं हैं। चमकी बुखार से निपटने के प्रयासों में जुटी बिहार सरकार को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने मदद की पेशकश की है। अरविंद केजरीवाल ने मेडिकल टीम, पैरा मेडिकल और एंबुलेंस के साथ हर मदद देने की बात कही है।बच्चों की सलामती के लिए सरायरंजन प्रखंड में एक गाँव के मुस्लिम समुदाय के लोग घंटे भर का नमाज पढ़ रहें हैं। लोग बच्चों की सलामती के लिए दुआ मांग रहे हैं। जुलूस निकाल कर लोग महादेव की पूजा कर रहे हैं। बारिश के लोह सामूहिक पूजा भी कर रहे हैं। बता दें कि 15 वर्ष तक की उम्र के बच्चे इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। मरने वाले बच्चों की उम्र एक से सात साल के बीच ज्यादा है। डॉक्टरों के मुताबिक, इस बीमारी का मुख्य लक्षण तेज बुखार, उल्टी-दस्त, बेहोशी और शरीर के अंगों में रह-रहकर कंपन (चमकी) होना है।