महिला IAS ने लिखा- कमरे का दरवाजा टूटा हुआ था, सोती नहीं थी कि कहीं कोई MMS न बना ले

New Delhi : इस्तीफा नामंजूर होने के बाद हरियाणा कॉडर की आइएएस रानी नागर सोशल मीडिया पर और आक्रामक हो गई हैं। महिला आइएएस ने शुक्रवार 8 मई को फिर सनसनीखेज आरोप लगाये। उन्होंने फेसबुक और ट्विटर पर चंडीगढ़ के यूटी गेस्ट हाऊस को लेकर कई गंभीर आरोप लगाते हुये पोस्‍ट किये हैं। उन्‍होंने अपने पोस्‍ट में लिखा – गेस्ट हाऊस के कमरे का दरवाजा टूटा हुआ था। शिकायत के बाद भी ठीक नहीं किया गया। डर लगता था। उसमें कोई भी ताकझांक कर सकता था। चाहता तो वीडियोग्राफी कर सकता था। इतना डर लगता था कि मैं और मेरी बहन रीमा नागर रातभर जग-जग कर पहरा देते थे।

महिला आइएएस अफसर रानी नागर ने 4 मई को अपना इस्‍तीफा दे दिया था। इस्तीफे के बाद गाजियाबाद में अपने घर चलीं आईं थीं। लॉकडाउन में घर आने के लिये उन्होंने स्पेशल पास बनवाया था। घर पहुंचने के लिये उन्होंने जो गाड़ी ली थी वो रास्ते में खराब हो गई। उस समय उन्होंने अपनी सरकार से मदद मांगी पर नहीं मिली। इसके बाद 7 मई गुरुवार को ट्वीट कर उन्होंने यूटी गेस्‍ट हाउस में अपने भोजन में लोहे के पिन डालने सहित कई गंभीर आरोप लगाये थे। इसके बाद शुक्रवार को एक के बाद एक कई ट्वीट और पोस्‍ट कर यूटी गेस्‍ट हाउस पर गंभीर आरोप लगाये।
रानी नागर ने कहा कि यूटी गेस्ट हाउस के जिस कमरा नंबर 311 में वह दो साल से ठहरी हुईं थीं, उसका दरवाजा भी तोड़ दिया गया था। टूटे दरवाजे के फोटो के साथ ही इस संबंध में की गई लिखित शिकायत की प्रति भी रानी नागर ने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किये हैं। उनके मुताबिक टूटे हुए दरवाजे से आसानी से कोई भी व्यक्ति बाहर से अंदर झांक सकता था या वीडियोग्राफी कर सकता था।
4 मई की सुबह उनके गेस्ट हाउस छोडऩे तक यह दरवाजा ठीक नहीं कराया गया था। कोरोना आपदा में कर्फ्यू के दौरान किसी ने बाहर से चाबी लगा कर दरवाजा खोल दिया। तब वह अपनी बहन रीमा नागर के साथ कमरे में ही थी। दरवाजे में अंदर सिर्फ एक चटकनी थी, जबकि दूसरी चटकनी लंबे समय से खराब थी। ऐसे में उन्होंने घरेलू समान के बैग दरवाजे के आगे लगाकर इसे पूरा खुलने से रोका।
रानी नागर ने बताया है कि वह पूरे कर्फ्यू के दौरान घरेलू समान के बैग दरवाजे के अंदर की तरफ लगाते रहे ताकि दोबारा कोई उनका कमरा न खोल सके। रात में भी बारी-बारी से दोनों बहनें जाग कर अपनी सुरक्षा करती थीं जिससे कि कोई व्यक्ति दरवाजा खोलकर अंदर न आ जाए। उन्होंने कहा कि मुझे माननीय न्याय पालिका पर पूरा भरोसा है। मैं अपने केस में न्याय पालिका में जाती रहूंगी।
उनकी बहन रीमा नागर ने भी ट्वीट किया। रीमा नागर ने लिखा है, एक महिला के प्राणों और अस्मिता की रक्षासे बढ़कर उसकी कोई और मदद नहीं कर सकता है। मेरी बहन रानी नागर का इस्‍तीफा स्‍वीकार होने से ही वर्षों से हो रही उसकी प्रताड़ना व यातना से मुक्ति मिलेगी।

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