ममता की कोई प्रजाति नहीं होती, बंदर के बच्चे को अपना दूध पिलाकर पाल रही है कुतिया

New Delhi : आज जहां इंसान-इंसान के बीच दूरियां इतनी बढ़ रही हैं, वहीं न बोल पाने पशु भी कभी-कभी इंसानों को इंसानियत का ऐसा पाठ पढ़ा देते हैं कि हर कोई सोचने पर मजबूर हो जाए। लेकिन मां तो मां है और ममता की कोई प्रजाति भी नहीं होती।

इस खबर को पढ़ने के बाद आप जरूर सोचेंगे कि हमसे तो भले ये बेजुबान ही हैं। जिनके लिए जाति, धर्म और प्रजाति कोई मोल नहीं रखती। मप्र के होशंगाबाद में इन दिनों बंदर का नन्हा सा बच्चा कुतिया की पीठ पर चिपका रहता है। वह उसके दूध भी पीता है और साथ में ही घूमता रहता है।

ग्रामीण बताते हैं कि 2 महीने पहले ये बंदर अपने झुंड से भटक कर यहां आ गया था। तब से वह इसी कुतिया के साथ ही रह रहा है। ये कुतिया नन्हे बंदर को हमेशा अपने साथ रखती है और उसे अपना दूध भी पिलाती है। मान्यता है कि जन्म से पहले से बच्चे को पालने की व्यवस्था ईश्वर कर देता है। इस अनोखे रिश्ते को देखकर कुदरत के इस नियम पर भी भरोसा कायम हो जाता है।