पिता रेलवे स्टेशन पर लगाते हैं झाडू, बेटी बन गई दारोगा-वर्दी पहनकर करेगी कानून की रक्षा

New Delhi : सच्चे लगन से कोई भी काम किया जाये तो सफलता आपके कदमों को चूमती है। ये कहावत सच कर दिखाई है पूर्णिया की एक सफाई कर्मी की बेटी पुष्पा ने। जिसने अपने संघर्ष के बदौलत वो मुकाम हासिल किया है जो समाज के लिये प्रेरणा का काम करती है। पुष्पा BPSC की परीक्षा पास करके दारोगा बन गई हैं।

पूर्णिया जंक्शन पर सफाईकर्मी का काम करनेवाले सुबोध मेहतर की बेटी पुष्पा कुमारी की इस सफलता से जहां उनके परिजन काफी खुश हैं वहीं आसपास के लोग समेत रेलकर्मी भी काफी खुश हैं। पुष्पा का कहना है कि माता-पिता और गुरु के सहयोग से आज वो इस मुकाम तक पहुंची है।

उनके पिता सुबोध मेहतर रेलवे में सफाईकर्मी हैं। सीमित संसाधन के बावजूद वो काफी संघर्ष कर वे हमेशा सपोर्ट करते थे। उनके इसी सपोर्ट ने मेरा मनोबल बढाया और आज मैं इस मुकाम तक पहुंची हूं। उन्होंने कहा कि उनके पिता सुबोध मेहतर रेलवे में सफाईकर्मी हैं। सीमित संसाधन के बावजूद वो काफी संघर्ष कर वे हमेशा सपोर्ट करते थे। उनके इसी सपोर्ट ने मेरा मनोबल बढाया और आज मैं इस मुकाम तक पहुंची हूं। पुष्पा ने कहा कि वो आगे भी अपना पढ़ाई जारी रखेगी और बीपीएससी में पूर्ण सफलता अर्जित कर देश और समाज की सेवा करेगी।

पुष्पा की मां गीता देवी कहती हैं कि आज उनकी बेटी ने उनका मान बढ़ाया है। बेटी की सफलता से वे लोग काफी खुश हैं। गीता देवी ने कहा कि उनकी बेटी ने काफी संघर्ष कर इस सफलता को अर्जित किया है। पुष्पा के पिता सुबोध मेहतर कहते हैं कि सरकार का नारा है कि बेटी बढाओ, बेटी पढाओ। इसी मूलमंत्र के साथ मैंने कभी बेटा और बेटी में फर्क नहीं किया।

3- इसके अलावा यह न सिर्फ गाइडेड मिसाइलों को ध्वस्त कर सकता है बल्कि उन्हें चकमा भी दे सकता है। भारतीय नौसेना के पास फिलहाल 140 युद्धपोत, 220 एयरक्राफ्ट हैं और 32 युद्धपोतों का अभी निर्माण चल रहा है।