स्कूल वैन चला चला कर पिता ने बेटे को बना दिया अंडर-19 टीम इंडिया का कप्तान

New Delhi : अगले साल 17 जनवरी से शुरू होने वाले अंडर 19 विश्‍व कप के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर दी गई है। अंडर 19 के शानदार बल्‍लेबाजों में शुमार किए जाने वाले प्रियम गर्ग को क्रिकेट टीम की कमान दी गई है, वहीं ध्रुव चंद जुरेल विकेट कीपर और उपकप्‍तानी का जिम्‍मा संभालेंगे।

भारतीय टीम अब तक चार बार अंडर 19 वर्ल्‍ड कप जीत चुकी है। इस बार के विश्‍व कप में कुल 16 टीमें हिस्‍सा ले रही हैं। टूर्नांमेंट का फाइनल मैच नौ फरवरी होगा। इस बार के विश्‍व कप के लीग मैच में भारत और पाकिस्‍तान की भिड़ंत देखने के लिए नहीं मिलेगी। भारत को ग्रुप ए और पाकिस्‍तान को ग्रुप सी में रखा गया है।

भारत का पहला मुकाबला 19 जनवरी को श्रीलंका के खिलाफ खेला जाएगा। इसी के साथ भारतीय टीम के अभियान का आगाज होगा। भारत का अगला मुकाबला 21 जनवरी को जापान और उसके बाद तीसरा मैच 24 जनवरी को न्‍यूजीलैंड से होगा। लेकिन आज हम आपको कुछ और बताने जा रहे हैं। जरा उस खिलाड़ी के बारे में जान लीजिए, जिसे इस टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम का कप्‍तान बनाया गया है। उनका नाम है प्रियम गर्ग।

प्रतिकूल परिस्थितियों में प्रतिभा के प्रसून प्रस्फुटित होते हैं और इस बात को चरितार्थ कर दिखाया है भारत की अंडर 19 क्रिकेट विश्व कप टीम के कप्तान प्रियम गर्ग ने, जिनके पिता ने स्कूल की वैन चलाकर अपने बेटे के शौक को परवान चढाया। मेरठ जिले से करीब 25 किलोमीटर दूर गांव किला परीक्षित गढ़ में रहने वाले प्रियम कक्षा 10 के छात्र हैं। छह साल की उम्र से क्रिकेट खेलने वाले प्रियम भारत की अंडर 19 विश्वकप क्रिकेट टीम के कप्तान हैंं। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श मानने वाले प्रियम ने मंगलवार को ‘भाषा’ से विशेष बातचीत में कहा, मैंने छह साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू किया था। मेरे पिता नरेश गर्ग स्कूल वैन के ड्राइवर हैं। हम चार भाई बहन हैं और मेरे पिता के पास इतना पैसा नहीं था कि वह इतने बड़े परिवार के साथ मुझे क्रिकेट खेलने के लिए संसाधन भी उपलब्ध करा सकें।

कप्तान प्रियम गर्ग ने कहा, क्रिकेट के प्रति मेरी दीवानगी और समर्पण देखते हुए उन्होंने अपने दोस्तो से पैसा उधार लेकर मेरे लिए क्रिकेट की किट का इंतजाम करवाया और मेरी क्रिकेट कोचिंग की व्यवस्था की। धीरे धीरे मैं क्रिकेट खेलता रहा और अपने पिता की मेहनत से आज मैं अंडर 19 विश्व कप क्रिकेट टीम का कप्तान हूं। उन्होंने कहा, मेरी मां का निधन 2011 में हो गया था और उनका सपना था कि मैं क्रिकेट में भारत की तरफ से खेलूं। आज जब मैं अंडर 19 विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रहा हूं, तब इसे देखने के लिए मेरी मां नहीं है। इस बात का मुझे बेहद अफसोस है।