पंजाब सरकार ने नहीं दिया मुआवजा, विरोध में अमृतसर के किसानों ने जलाई पराली

New Delhi: पंजाब के किसानों ने पराली न ज’लाए जाने के सरकार के आग्रह को सिरे से खा’रिज कर दिया है। किसानों का यह वि’रोध सरकार के वादों से मुकर जाने का परिणाम है। सरकार ने पंजाब के किसानों से पराली न ज’लाए जाने के बदले मुआवजा देने का ऐलान किया था, जो कि अब धू’मिल हो चुका है।

अमृतसर में किसान लगातार खेतों में पराली ज’ला रहे हैं। इस पर किसानों का कहना है कि खेत के अ’वशेषों से निकलने वाला धु’आं फैक्ट्रियों और वाहनों से कम प्र’दूषित होता है। फैक्ट्रियों और वाहनों से निकलने वाले धु’एं से यह 10 प्रतिशत कम प्र’दूषण पैदा करता है।

वहीं किसानों ने यह भी कहा है कि प्र’दूषण न फै’लाने के लिए वे सरकार का साथ देने के लिए तैयार हैं। किसानों ने कहा है कि अगर सरकार हमारी मदद करती है तो हम सहयोग करने के लिए तैयार हैं।

पराली ज’लाना किसानों की मजबूरी है। वहीं पराली न ज’लाने के दूसरे विकल्प को अपनाना जेब पर भारी पड़ता है। किसानों ने कहा कि अगर सरकार आर्थिक मदद करे तो, इस प्टरदूषण की समस्या से नि’जात मिल सकती है।

लेकिन सरकार केे ढीले रवैये को देखते हुए भटिंडा में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने वि’रोध प्र’दर्शन किया। यह भी आ’रोप लगाया है कि किसानों को प्रदान की जाने वाली धान के पुआल मशीनों में ख’राबी है। मुआवजा देने में अ’समर्थ पंजाब सरकार की वि’फलता के वि’रोध में किसान पराली ज’लाने में लगे हुए हैं।