गर्लफ्रेंड के लिए प्लेन हा’ईजेक करने की झूठी ध’मकी दी,5 करोड़ के जुर्माने के साथ हुई उम्रकेद

New Delhi : मुंबई का एक आभूषण व्यापारी जिसे सनकी के अलावा और क्या कहा जाएगा जिसने अपनी गर्लफ्रेंड के लिए पूरे प्लेन को हा’ईजेक करने की ध’मकी दे डाली।मामला मंगलवार को तब सामने आया जब एनआईए कोर्ट ने आरोपी बिरजू सल्ला को उम्र कैद के साथ 5 करोड़ रूपये बतौर जुर्माने की सजा सुनाई। उसे ये सजा प्लेन में हाईजेक की धमकी वाला पत्र रखने के मामले में सुनाई गई।यह घटना जितनी नाटकीय और हास्यास्पद है उतनी ही डरावनी भी है।जिसे गंभीर मानते हुए कोर्ट ने आरोपी को ये सजा सुनाई है।

आभूषण व्यापारी बिरजू सल्ला को यह सजा 2016 में बने एंटी हाईजेकिंग एक्ट के तहत सुनाई गई है।इस एक्ट के लागु होने के बाद ये इस मामले से जुड़ी यह पहली सजा है।यह मजेदार बात है कि सजा के तौर पर व्यापारी पर लगाया गया जुर्माना सरकारी खजाने में जाने कि बजाए इस रकम को विमान के सात क्रू मेंबर और 116 यात्रियों के बीच बांट दिया जाएगा।जिसमें पायलट और को पायलट को एक एक लाख रूपये,एयर होस्टेज को 50-50 हजार रूपये और यात्रियों को 25-25 हजार रूपये मिलेंगे।

सल्ला ने 30 अक्टूबर 2017 को मुंबई से दिल्ली जा रहे जेट एयरवेज के विमान में अंग्रेजी और उर्दू में लिखी अपहरण की धमकी वाली चिट्ठी टॉयलेट के टिश्यू बाक्स में रख दी थी।चिट्ठी के मिलने के बाद विमान में हड़कंप मच गया था जिसके बाद विमान की अहमदाबाद में एमरजेंसी लैंडिग कराई गई थी।बाद में जांच हुई तो पता चला कि ये धमकी झूठी थी।कार्रवाही करते हुए जेट एयरवेज ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।

पकड़े जाने के बाद बिरजू सल्ला ने अपना जुर्म स्वीकारते हुए उसने याचिकाकर्ता को बताया था कि उसने अपनी गर्लफ्रेंड के लिए ये करतूत की थी।उसने यह भी बताया कि इसके पीछे उसका उद्देश्य जेट एयरवेज को बदनाम करना था।जिससे एयरवेज का दिल्ली स्थित ऑफिस बंद हो जाए,जहां उसकी गर्लफ्रेंड काम करती थी।अगर दिल्ली का ऑफिस बंद हो जाता तो उसकी गर्लफ्रेंड को वो मुंबई अपने पास बुला सकता था।बस इसके लिए करोड़पति आभूषण व्यापारी ने इतनी बड़ी हरकत कर डाली।

चिट्ठी में लिखा था-
जिस चिट्ठी के पीछे इतना विवाद हुआ उसमें लिखा था विमान में 12 किडनेपर मौजूद हैं,अब विमान को हाईजेक कर सीधे पीओके ले जांएगे।उसने बताया कि उसने ये चिट्ठी अपने मुंबई स्थित ऑफिस में बैठकर टाइप की थी।गूगल ट्रांसलेशन का इस्तेमाल कर उसन इसे उर्दू में भी अनुवाद कर लिया था।