सिर्फ Article 370 नहीं बल्कि कश्मीर का भारत में विलय भी अस्थायी ही है: फ़ारूख अब्दुल्लाह

NEW DELHI: जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूख अब्दुल्लाह ने कश्मीर को लेकर एक बार फिर विवादित बयान दिया है। फारूख अब्दुल्लाह ने कहा है कि आर्टिकल 370 अगर अस्थायी है तो कश्मीर भी भारत का स्थायी हिस्सा नहीं है। समाचार एजेंसी एएनआई ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है।

फारूख अब्दुल्लाह ने कहा, “अगर 370 अस्थायी है, तो कश्मीर से हमारा विलय भी अस्थायी है। जब महाराजा ने संधि की, तो यह अस्थायी था। उस समय हमने कहा था कि एक जनमत संग्रह होगा और लोग यह तय करेंगे कि भारत के साथ जाना है या पाकिस्तान के साथ। जब जनमत संग्रह हुआ ही नहीं तो फिर धारा 370 कैसे हट सकती है।”

बता दें कि गत दिनों ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में बोलते हुए कहा था कि धरा 370 अस्थायी है। अमित शाह ने कहा था कि कश्मीर की वर्तमान स्थिति नेहरू के कुक’र्मों का नतीजा है, जिन्होंने ‘कश्मीर के भारत में प्रवेश’ के मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र संघ में भेजा और वहां अनुच्छेद 370 की घोषणा की।

गौरतलब है कि सोमवार को भी अमित शाह ने राज्यसभा में बोलते हुए कांग्रेस पर करारा हमला बोला है। राज्यसभा में गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस को एक बात बतानी चाहिए कि 1949 को जब एक तिहाई कश्मीर पाकिस्तान के क’ब्जें में था तो आपने सीज’फायर क्यों कर दिया। ये सीज’फायर न हुआ होता ये झगड़ा ही न होता, ये आतं’कवाद ही नहीं होता, करीब 35 हजार जा’नें नहीं गई होती। इन सबका मूल कारण सीज’फायर ही था।