EVM मशीनों में छेड़छाड़ नहीं की जा सकती – पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत

New Delhi : पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने कहा कि ईवीएम मशीनों के साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि ईवीएम मशीनों को पूरी सुरक्षा में रखा जाता है और मतगणना के दिन जब स्ट्रांग रुम खुलता है तब वहां सभी राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधि मौजूद रहते हैं। मशीनों को उनके मौजूदगी में खोला जाता है। मॉक पोल भी कराया जाता है।

ओपी रावत ने ये बयान उस वक्त दिया है जब देश की सभी विपक्षी पार्टियां ईवीएम को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही हैं। विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि मतदान के दौरान कई जगहों पर ईवीएम मशीनों के साथ छेड़छाड़ की गई है।

क्या है पूरा मामला…..

बुधवार को चुनाव आयोग ने विपक्षी दलों की याचिका खारिज कर दी थी । मंगलवार को 21 विपक्षी दलों ने वीवीपीएटी पर्चियों का मिलान करने के लिए चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपा था। चुनाव आयोग की आज हुई बैठक में इस मांग को खारिज कर दिया गया है। आयोग ने विपक्षी पार्टियों की उस मांग को खारिज कर दिया है जिसमें 50 फीसदी पर्चियों के मिलान की बात कही जा रही थी। आयोग ने कहा कि मिलान की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

चुनाव आयोग ने कहा है कि अगर हम 50 फीसदी पर्चियों की मिलान करेंगे तो लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने में 6-7 दिनों की देरी हो सकती है। आपको बता दें कि 23 मई को लोकसभा चुनाव के नतीजे आएंगे।

पिछले 2 दिनों में ईवीएम पर विवाद और भी बढ़ गया है। यूपी के गाजीपुर, मऊ और चंदौली से कुछ वीडियो आ रही है जिससे ईवीएम की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पिछले कुछ सालों से ईवीएम टैंपरिंग को लेकर सवाल  उठ रहे हैं। विपक्ष बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग करती आ रही है। लेकिन चुनाव आयोग ने उनकी मांग को खारिज कर दिया है।