महाराष्ट्र के बुजुर्ग पुलिसवालों को छुट्टी पर भेजा गया, 11000 कैदियों को इमर्जेंसी परोल

New Delhi : महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने रविवार को संवाददाताओं से बातचीत करते हुये कहा- राज्य सरकार ने 55 साल से अधिक के पुलिसकर्मियों को छुट्टी पर भेजने का फैसला किया है। 11 हजार कैदियों को इमर्जेंसी परोल पर भेजने का फैसला भी लिया गया है।
अनिल देशमुख ने कहा – राज्य में अब तक करीब 3000 पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं और करीब 30 की मौत हो चुकी है। इसको देखते हुए हमने फैसला लिया है कि 50-55 आयुवर्ग के लोगों को सामान्य ड्यूटी पर लगाया जायेगा और 55 वर्ष से अधिक आयु के पुलसकर्मियों को वैतनिक छु्ट्टी पर भेजा जायेगा।

 

देशमुख ने बताया – महाराष्ट्र के 60 जेलों में करीब 38 हजार कैदी थे। जेल में सोशल डिस्टेंशिंग को ध्यान में रखते हुए 9671 कैदियों को रिहा किया जा चुका है। अब हमने 11 हजार और कैदियों को इमर्जेंसी परोल पर भेजने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि 24 जिलों में 31 अस्थायी जेल बनाए गए हैं।
शिवसेना नेता संजय राउत के सोनू सूद को लेकर दिये गये बयान से महाराष्ट्र की सरकार और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने अपना पल्ला झाड़ लिया है। राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने रविवार 7 जून को संवाददाताओं से बात करते हुये कहा – मुझे नहीं पता कि संजय राउत साहब ने क्या बयान दिया है। लेकिन सोनू सूद ने बहुत से श्रमिकों को उनके घर भेजकर अच्छा काम किया है। जो भी इस तरह की अच्छी पहल करेगा हम उसकी तारीफ करेंगे, सोनू सूद हों या कोई और। इससे पहले रविवार के सामना में संजय राउत ने लिखा – बहुत चालाकी से वो ‘महात्मा’ सूद बनने की ओर हैं।

 

इसके बाद संजय राउत मीडिया के सामने आये और बयान दिया – सोनू सूद एक अच्छे एक्टर हैं। फिल्मों के लिये अलग-अलग डायरेक्टर होते हैं, सोनू सूद ने जो काम किया है वह अच्छा है लेकिन ऐसा संभव है कि इसके पीछे एक राजनीतिक डायरेक्टर हो। यानी उन्होंने सोनू सूद के सारे सेवाधर्म को राजनैतिक षडयंत्र बताया ताकि सरकार को गैरजिम्मेदार दिखाया जा सके।

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