माको सिस्टम से आसान होगी कोहनी व कूल्हे की सर्जरी

अमेरिकी चिकित्सा उपकरण निर्माता कम्पनी स्ट्राइकर,अनूप इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्थोपेडिक्स एंड रिहैबिलिटेशन और ट्टिकुटी टेक्नोलॉजीज ने रोबोटेक के क्षेत्र में माको रोबोटिक आर्म असिस्टेड सर्जरी सिस्टम पर एक संयुक्त कार्यशाला का आयोजन कर रही है।कार्यशाला पटना के लेमान ट्री होटल में आयोजित की जाएगी।इस कार्यशाला में बिहार और झारखण्ड के लगभग 100 से अधिक हड्डी डॉक्टरों के भाग लेने की उम्मीद है.

अनूप इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्थोपेडिक्स एंड रिहैबिलिटेशन के सलाहकार डॉ आशीष सिंह ने कहा कि “हम सर्जरी में माको सिस्टम के आने को लेकर उत्साहित हैं.माको सिस्टम की सहयता से कोहनी व कूल्हे के ट्रांसप्लांट में आसानी हो जाएगी। इस तकनिकी पर आधारित कार्यशाला के लिए हम सभी रोमांचित हैं.”

इस कार्यशाला में स्ट्राइकर इंडिया की निदेशक मीनाक्षी नेवतिया और उनकी टीम शामिल होगी जो माको तकनीकी के बारे में अपने अनुभवों को साझा करेंगी।डॉ थादी मोहन (वरिष्ठ सलाहकार, सेंटर फॉर आर्थोपेडिक्स, अमृता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, कोच्चि) जो घुटने की सर्जरी को लेकर अपने अनुभवों को साझा करेंगी और गोपाल डी चक्रवर्ती (सीईओ, वट्टिकुट्टी टेक्नोलॉजीज) जो भारतीय स्वस्थ्य क्षेत्र में लाई गयी रोबोटिक तकनीकी में वटीकुट्टी फाउंडेशन के योगदान के बारे में बताएंगी।
मीनाक्षी नेवतिया ने कहा कि ,”स्ट्राइकर की माको तकनीकी पहली ऐसी व्यवस्था है जिसकी सहायता से पुरे कूल्हे,पूरी कोहनी या आंशिक कोहनी का ट्रांसप्लांट किया जा सकता है.माको तकनीकी को बिहार में लाकर हम गौरान्वित महसूस कर रहे हैं.स्वास्थ्य क्षेत्र को और बेहतर बनाने के लिए हम माको सिस्टम पर लगातार काम करते रहेंगे।