यूपी अवैध खनन मामला: ED ने अखिलेश पर किया मनी लॉड्रिंग का केस दर्ज, CBI के FIR को बनाया आधार

New Delhi:  प्रवर्तन निदेशालय ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ केस दर्ज किया हैं। दरअसल, ईडी ने अखिलेश यादव पर सीबीआई के एफआईआर के आधार पर यूपी में अवैध खनन माने में मनी लॉड्रिंग का केस दर्ज किया हैं।

आपको बता दें कि यूपी में अवैध रेत खनन घोटाले में अखिलेश यादव की भूमिका की जांच कर रहे सीबीआई अधिकारी डीआईजी गगनदीप गंभीर का ट्रांसफर कर दिया गया। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, गगनदीप खनन घोटाले में अखिलेश के साथ दूसरे अधिकारियों की भी भूमिका की जांच कर रहे थे, उनका तबादला स्पेशल क्राइम यूनिट से ऐंटी करप्शन यूनिट में कर दिया गया है।

गौरतलब हैं कि यूपी की दबंग आईएएस अधिकारी बी. चन्द्रकला के आवास पर सीबीआई छापों के बाद अवैध रेत खनन मामले की आंच अखिलेश यादव तक पहुंची। सीबीआई ने अपनी एफआईआर में लिखा था कि सीबीआई के मुताबिक 2011 के बाद से यूपी के सभी खनन मंत्रियों से पूछताछ हो सकती है। याद हो कि 2012-13 में खनन मंत्रालय तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास था। एफआईआर में कहा गया कि मामले की छानबीन के दौरान संबंधित अवधि में तत्कालीन खनन मंत्री की भूमिका की भी जांच हो सकती है।

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क्या है आरोप- 2012 से 2016 के बीच मिलीभगत करके अवैध खनन की इजाजत दे दी गई थी। एनजीटी की रोक के बावजूद खनन के लाइसेंस रिन्यू कर दिए गए थे। हाई कोर्ट ने शामली, हमीरपुर, फतेहपुर, देवरिया और सिद्धार्थ नगर में अवैध रेत खनन के आरोपों की जांच का आदेश दिया था। सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले में 2 जनवरी को 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।

सबसे लंबी छापेमारी चर्चित आईएएस अधिकारी बी. चंद्रकला के लखनऊ स्थित घर पर हुई। सीबीआई ने अहम दस्तावेज बरामद करने के अलावा चंद्रकला के दो बैंक खाते और एक बैंक लॉकर भी जब्त किए गए। हमीरपुर में माइनिंग अफसर मोइनुद्दीन के यहां से साढ़े 12 लाख रुपये और 1.8 किलो गोल्ड बरामद हुआ। जालौन में रिटायर्ड क्लर्क रामअवतार के घर से 2 करोड़ कैश और 2 किलो गोल्ड मिला।