ईडी ने 91 हजार करोड़ रुपये के कर्ज घोटाले में IL&FS कंपनी के दो अधिकारियों को किया गिर’फ्तार

New Delhi: आईएलएंडएफएस कंपनी के दो शीर्ष अधिकारियों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिर’फ्तार किया है। गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी आईएलएंडएफएस में ईडी कर्ज में लेन-देन की गड़’बड़ी की जां’च कर कही थी। ईडी अधिकारियों ने गिर’फ्तार किए गए अधिकारियों के नामों का खुलासा करते हुए कहा कि इनमें कंपनी के पूर्व संयुक्त निदेशक और प्रबंध निदेशक शामिल हैं। अरुण के साहा पूर्व संयुक्त निदेशक और के. रामचंद प्रबंध निदेशक के पद पर कार्यरत थे।

मनी लान्ड्रिंग कानून (पीएमएलए) के तहत इन दोनों अधिकारियों को मुंबई से  गिर’फ्तार किया गया है। दोनों को मुंबई के विशेष पीएमएलए कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। आईएलएंडएफएस 91 हजार करोड़ रुपये के कर्ज में फंसी हुई है। कंपनी के अधिकारियों ने बिना जांच किए अरबों रुपये के कर्ज विभिन्न कंपनियों को दिए थे। इस कार्य में खुद कंपनी के अधिकारी की मिलीभगत थी। उन्हें भी इसके बदले में लाभ मिल रहा था। उनके बांटे हुए कर्ज बाद में एनपीए (डूबे हुए कर्ज) में तब्दील हो गए।

पिछले साल दिसंबर में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अप’राध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। एफआईआर के आधार पर फरवरी में ईडी ने जां’च शुरू की थी। इन महीनों में ईडी ने कंपनी के शीर्ष अधिकारियों से संबंधित जगहों पर छापे’मारी कर सबूत जुटाए हैं।

पिछले महीने ईडी ने मुंबई में आईएलएंडएफएस के चार निदेशकों के घर और कार्यालय में छापे’मारी की गई थी। ईडी ने बांद्रा, खार, नरीमन प्वाइंट और गोरेगांव में छापे’मारी की थी। सिर्फ ईडी ही नहीं 91 हजार करोड़ के इस घोटाले में गं’भीर धोखा’धड़ी अप’राध कार्यालय (एसएफआईओ), भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) भी जां’च कर रहे हैं। एसएफआईओ ने इस मामले में 30 व्यक्तियों और इकाइयों को शामिल किया था।