इबोला ने यूगांडा पर भी ह‘मला बोला

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार Congo के Democratic Republic में 2,000 लोगों को अपनी चपेट में लेने के बाद खतरनाक ईबोला वायरस अब यूगांडा में भी फैल गया है।

नई दिल्लीः सीएनएन ने देश के स्वास्थ्य मंत्रालय और विश्व स्वास्थ्य संगठन के हवाले से बताया कि यूगांडा में कांगों के 5 साल के बच्चे में इबोला वायरस का पता चला है। मंगलवार को दिए अपने एक बयान में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि बच्चे और उससे परिवार ने देश में Bwera Border post से दाखिल हुए और वहां पर स्वास्थ्य कर्मियों ने उसमें इबोला की पहचान की।

फिलहाल वो बच्चा यूगांडा में इबोला उपचार यूनिट में है जो कि यूगांडा में Bwera शहर में पड़ता है। ये अब तक के इतिहास में ईबोला के प्रकोप की दूसरी सबसे बड़ी घटना है। अगस्त महीने से अब तक 1,300 लोग इससे अपनी जान गंवा चुके हैं। Congo के Democratic Republic के जो क्षेत्र सबसे ज्यादा बुरी तरह से प्रभावित हैं वो North Kivu और Ituri  प्रांत हैं।

इबोला से पीड़ित लोगों की संख्या में बढ़त के बाद से इसके DR Congo के बॉर्डर के बाहर फैलने को लेकर चिंता जताई जा रही है। इस वायरस के फैलने की संभावना को देखते हुए यूगांडा के कर्मचारियों को इसका टीका लगाया गया साथ ही उन्हें इसके लक्षण पहचाने का प्रशिक्षण भी दिया गया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा हांलाकि इसके लिए पहले भी चेतावनी जारी की गई हैं, ये पहला ऐसा पक्का मामला है जिसमें Congo के Democratic Republic के पड़ोसी देश यूगांडा में ये पाया गया है। उन्होंने ये भी कहा कि एक Rapid Response Team को Kasese  के लिए भेज दिया गया है जो कि इन मामलों का पता लगाएगी और साथ ही ऐसे मामलों का प्रबंधन भी करेगी जिनके होने की संभावना है। 2014 में आए इबोला के प्रकोप में 11,000 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।

सबसे पहले इबोला 1976 में सूडान में देखा गया था जिसके बाद ये DR Congo में भी फैल गया। ये खतरनाक वायरस जंगली जानवरों से इंसानों में आ सकता है। इसके लक्षण हैं- बुखार, सिरदर्द और खून का बहना। 2014 में इसके प्रकोप से पश्चिमी अफ्रीकी देशो – Liberia, Guinea, Sierra Leone के लगभग 28,600 लोग संक्रमित हुए थे।