भारत को बड़ी सफलता, DRDO ने बनाई जमीन से हवा में मा’र करने वाली मिसाइल

New Delhi : रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने आज सोमवार को क्विक रिएक्शन सरफेस एयर मिसा’इल सिस्टम (QRSAM) का सफल परीक्षण किया है। यह टेस्टिंग आज सुबह 11 बजकर 45 मिनट पर हुई।

ओडिशा के तट पर चांदीपुर रेंज में इस मिसा’इल का परीक्षण किया गया। यह मिसा’इल जमीन से हवा में सटीक नि’शाने को भेदने में सक्षम है। QRSAM सिस्टम के तहत किसी सैन्य अभियान के तहत मिसा’इल भी गतिशील रहते हैं और वे दु’श्मन के विमान या ड्रोन पर निगरानी रखते हुए उसे तत्काल नि’शाना बनाते हैं।

इससे पहले रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने पिछले हफ्ते मंगलवार (17 दिसंबर) को ओडिशा के तट से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसा’इल का सफल परीक्षण किया था। इस मिसा’इल को एक एडवांस स्वदेशी तकनीक के साथ लॉन्च किया गया। इस मिसा’इल का निशाना एक जहाज था। इसी तरह अक्टूबर महीने में भी भारतीय वायुसेना ने अंडमान निकोबार द्वीप समूह में त्राक द्वीप से सतह से सतह पर मा’र करने वाली 2 ब्रह्मोस मिसा’इलें दा’गी थीं।

21 और 22 अक्टूबर को दा’गी गई दोनों मिसा’इलें नियमित सामरिक प्रशिक्षण का एक हिस्सा थीं। मिसा’इल ने लगभग 300 किलोमीटर दूर एक निर्धारित लक्ष्य को भेदा। दोनों मामलों में मिसा’इल ने निर्धारित लक्ष्य को प्रत्यक्ष तौर पर भेद दिया। इस मिसा’इल प्रशिक्षण से किसी मोबाइल प्लेटफार्म से जमीनी लक्ष्य को सटीकता के साथ भेदने की आईएएफ की क्षमता बढ़ गई है।