CM योगी को कांग्रेस नेता का पत्र, राम-सीता की मूर्ति बनाए जाने का दिया सुझाव

New Delhi: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. करन सिंह ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को अयोध्या में भगवान राम की मूर्ति से जुड़े मामले में पत्र लिखा। पत्र के जरिए डॉ करन सिंह ने मांग की है कि अयोध्या में भगवान राम की मूर्ति की ऊंचाई थोड़ी कम करके, उनके साथ में माता सीता की मूर्ति भी बनाई जाए। करन सिंह ने कहा कि राम और सीता दोनों की युगल मूर्ति बनाई जाए।

दरअसल, कांग्रेस नेता करण सिंह ने पत्र में लिखा कि पिछले सप्ताह मुझे सिमरिया जाने का अवसर प्राप्त हुआ, जहां मुरारी बापू की कथा भी चल रही थी और साहित्य सम्मेलन भी हो रहा था। जिसके मैनें उद्घाटन किया। यह मिथिला की भूमि थी और वहां मुझे एक विचार आया जिसका मैंने अपने भाषण में उल्लेख किया और उसी को इस पत्र के द्वारा आप तक पहुंचा रहा हूं।

 Ashok Gehlot

पत्र में करण सिंह ने आगे कहा कि राजा जनक की भूमि मिथिला सीता माता की भूमि मानी जाती है। यहीं सीता जी का प्राकट्य हुआ और यहीं उनका श्रीराम के साथ विवाह संपन्न हुआ। नियति देखें, विवाह के बाद अयोध्या बहू बनकर गईं लेकिन कुछ ही दिनों में श्रीराम के साथ उनको 14 वर्ष वनवास झेलना पड़ा। इस दौरान चौदहवें वर्ष में उनका अपहरण हुआ, लंका में बंदी बनकर रहीं, युद्ध हुआ और अग्नि परीक्षा के बाद महारानी बनकर अयोध्या वापस आईं। तत्पश्चात उनको गर्भवती होते हुए भी फिर से वनवास झेलना पड़ा।

करण सिंह ने पत्र में सुझाव देते हुए कहा कि ऐसे दुखद परिस्थितियों को स्मरण करते हुए मेरे दिल में एक सुझाव आया यदि अयोध्या में श्रीराम की भव्य मूर्ति बनाने का निर्णय ले ही लिया है तो मेरा अनुरोध है कि उसकी ऊंचाई आधा करके राम और सीता दोनों की युगल मूर्तियां बनाई जाएं। कम से कम सत्रह वर्षों के बाद सीता जी को अयोध्या में अपना उचित स्थान तो मिले। मुझे विश्वास है कि आप मेरे सुझाव को स्वीकार करेंगे।