अभी-अभी: जहरीली हो रही दिल्ली की हवा, डॉ हर्षवर्धन ने बैठक कर मंत्रियों से मांगे सुझाव

New Delhi:  Delhi में लगातार प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है। ठंड भी अब धीरे-धीरे कदम दिल्ली की ओर बढ़ा रही है। वहीं पराली के धुएं की वजह से Delhi ncr में भी प्रदूषण खरतनाक स्तर पर पहुंच चुका हैं। दिल्ली के कई इलाकों में पीएम 2.5 और पीएम 10 का लेवल बेहद खतरनाक स्तर तक है। इस पर Supreme court ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को फटकार लगाई हैं। जिसके बाद केंद्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने वायु प्रदूषण की समीक्षा की।

केंद्रीय मंत्री Dr Harsh Vardhan ने प्रदूषण को कम करने के लिए योजना तैयार करने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने दिल्ली पर्यावरण मंत्री के साथ बैठक की। इस बैठक में प्रदूषण को लेकर चर्चा की गई, साथ ही समाधान के लिए उपाय भी मांगे गए। वहीं सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद आज से प्रदूषण से लड़ने की कवायद शुरू हो गई हैं। आज से दिल्ली के कई इलाकों में पेड़ों पर पानी का छिड़काव शुरू हो गया हैं। यही नहीं, इसके अलावा प्रदूषण कर रहे लोगों पर कार्रवाई के लिए 44 टीमें बनाई गई है, जो प्रदूषण फैला रहे लोगों पर सख्त कार्रवाई करेगी।

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार ने 44 ज्वाइंट टीम बनाई है जो दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई करेगी। कोर्ट के आदेश के बाद 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल गाड़ियों के चलने पर रोक लग गई है। वहीं दिल्ली प्रदूषण के बढ़ते स्तर को लेकर इंडियन मेडिकल असोसिएशन के सचिव Dr. VK Monga का कहना है कि सर्जिकल मास्क का कोई फायदा नहीं हैं, वे किसी भी प्रदूषक को रोक नहीं पाते हैं।

Dr. VK Monga ने कहा कि प्रदूषण के लिए स्पेशल मास्क महंगा हैं और कोई भी मास्क 8-10 घंटे काम नहीं करता है। यदि आप अच्छी गुणवत्ता वाले मास्क का उपयोग करते हैं तो बेहतर रहेगा। कॉमन मास्क में केवल मनोवैज्ञानिक लाभ होता है लेकिन इससे ज्यादा मदद नहीं मिलती है।