सूर्यग्रहण पर इन चीजों का दान बनाएगा धनवान, दूर होगी हर बीमारी

New Delhi : सूर्य ग्रहण सुबह आज यानी 26 दिसंबर को सुबह 8 बजे लग चुका है, जो 1 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। ये ग्रहण एशिया के कुछ देश, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया में भी दिखाई देगा। भारत में ग्रहण काल 5 घंटे 36 मिनट का रहेगा।

सूर्य ग्रहण के दौरान दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है। ग्रहण के दौरान किए गए दान का फल अक्षय होता है। जिस व्यक्ति को दान का फल मिलता है उसे जीवन में कभी किसी तरह का रोग नहीं होता है।

शास्त्रों के अनुसार, सूर्य ग्रहण के दौरान किया गया दान राहु, केतु और शनि के गलत प्रभावों को भी सही करता है। कई तरह के किए गए दान जीवन में कल्याण कर सकते हैं और आपको धनवान बना सकते हैं। सूर्य ग्रहण के समय राहु और केतु जीवन में कई तरह से प्रभाव डालते हैं। ग्रहण के दौरान किया गया दान आपको यश और कीर्ति दिला सकता है। किसी भी ग्रहण में दान करने से हजार गुना ज्यादा फल मिलता है। पंडित विनोद भारद्वाज से जानते हैं कि सूर्य ग्रहण के दौरान क्या-क्या दान करना चाहिए।

ऐसी मान्यता है कि ग्रहण के दौरान राहु और केतु की वजह से जीवन अस्त-व्यस्त होने लगता है। राहु और केतु का प्रमुख स्थान पैर माना जाता है। इसलिए कहा जाता है कि ग्रहण के दौरान जूते का दान करने से जीवन में स्थिरता और समृद्धि आती है। ग्रहण के दौरान जूते का दान करके आप अपने पितरों को भी प्रसन्न कर सकते हैं।

आपके घर के पितर आपसे नाराज हैं तो सूर्य ग्रहण के समय किसी जरूरतमंद व्यक्ति को चमड़े के काले और भूरे रंग के जूते दान करें। इससे आपके घर मे शांति और खुशहाली आएगी। अगर आपके जीवन में व्यापार की स्थिति सही नहीं चल रही है या आपके घर लोग बीमारी से परेशान हैं तो सूर्य ग्रहण के समय काले और भूरे रंग के कंबल का दान करें। इससे आपके घर से बीमारियां दूर हो जाएंगी और आप रोगमुक्त हो जाएंगे।

अगर आपके घर में अधिक जूते-चप्पल रखे हैं और आप इसे इस्तेमाल नहीं करते हैं तो उसे भी सूर्यग्रहण के दौरान दान करने से जीवन की बीमारियां दूर होती हैं। सूर्य ग्रहण के समय एक रुपए का सिक्का पूजा स्थल पर रखकर सूर्य भगवान का स्मरण करें और ग्रहण के बाद इसे गंगाजल से धोकर लाल कपड़े में लपेटकर अपनी तिजोरी में रख लें। इससे आपको सूर्य ग्रहण के पुण्य का प्रभाव मिलेगा। अगर आपकी कुंडली में शनि खराब है तो छाते का दान करें। सूर्य ग्रहण के समय अन्न का दान नहीं करना चाहिए।