दुबई से पत्नी को दिया तलाक, पुलिस ने कहा हम कुछ नहीं कर सकते, महिला ने लगाई PM से मदद की गुहार

New Delhi: ट्रिपल तलाक पर कानून बन जाने के बाद कर्नाटक से एक मामला सामने आया है जो इस कानून को बेबस साबित कर रहा है। यहां के सिवमोग्गा जिले की एक मुस्लिम महिला ने कहा कि उसके पति ने दुबई से उसे व्हाट्सेप पर एक ऑडियो मेसेज के जरिए ट्रिपल तलाक दे दिया है। महिला का कहना है कि इस संबंध में उसने अपने पति के खिलाफ मामला दर्ज भी कराया है लेकिन पति के दुबई में होने के कारण पुलिस कुछ नहीं कर पा रही है। महिला ने कहा कि उसने परेशान होने के बाद न्याय के लिए अब सीधा प्रधानमंत्री से मदद मांगी है।

पीड़ित महिला आयशा ने कहा: “मेरे पति मुस्तफ़ा ने मुझे व्हाट्सएप के जरिए से एक वॉयस रिकॉर्डिंग मेसेज भेज कर ट्रिपल तलाक दिया। लेकिन मैं इस तलाक को स्वीकार नहीं करती। मैंने एक मामला दर्ज किया है। मैं न्याय चाहती हूं। पुलिस ने कहा कि वो इस मामले में कुछ नहीं कर सकते क्योंकि मेरा पति दुबई में रह रहा है। ”

महिला ने एएनआई को आगे बताया कि उसने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। “हमने पिछले 21 साल खुशी-खुशी बिताए। मुझ बच्चा नहीं हो सका तो हमने एक लड़की को गोद लिया था जो अब 16 साल की है। लेकिन मेरे पति इससे नाराज नहीं थे।,”

“पुलिस मदद के लिए तैयार नहीं है; वे कहते हैं कि मेरे पति दुबई में हैं, वे कैसे मदद कर सकते हैं? मैं अपने पति और बेटी के साथ रहना चाहती हूं। मैं इतनी अच्छी तरह से शिक्षित भी नहीं हूं कि मैं अपने परिवार के लिए काम कर सकूं और कमा सकूं। वह हमें वित्तीय सहायता नहीं दे रहे हैं, जो मेरी बेटी की शिक्षा के लिए एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।

मैंने मुस्लिम महिलाओं (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम 2019 में लाने के लिए प्रधान मंत्री का आभार व्यक्त किया था, जो ट्रिपल तालक को अपराधी बनाता है और कहा, “मैं मोदीजी से अपील करती हूं कि वे मेरे पति के खिलाफ कार्रवाई करने और मुझे न्याय दिलाने में मदद करें।