आम बजट और अंतरिम बजट में अंतर जानते हैं? आइये हम बताते हैं

नई दिल्ली : सरकार हर साल फ़रवरी-मार्च के महीने में बजट पेश करती है, जिसे आम बजट कहा जाता है। मोदी सरकार आगामी 1 फरवरी 2019 को अपना आखिरी बजट बजट पेश करने वाली है, जिसे अंतरिम बजट कहा जा रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूर्ण बजट यानि आम बजट और अंतरिम बजट में क्या अंतर है ?अधिकांश लोगों को इन दोनों में स्पष्ट अंतर नहीं मालूम होता है। आइये हमको बताते हैं कि दोनों में क्या अंतर है।

संविधान के आर्टिकल 112 में इसे वार्षिक वित्तीय विवरण कहा गया है। क्योंकि ‘आम बजट’ कोई संविधानिक शब्दावली के अंतर्गत नहीं आता लेकिन  बोलचाल की भाषा में आम बजट कहते हैं। दरअसल आम बजट में सरकार अपने नए वित्तीय साल का लेखा-जोखा पेश करती है। सरकार संसद में बजट पेश करते हुए बताती है कि आने वाले एक साल में वह किन योजनाओं को शुरू करेगी व किस काम के लिए कितना पैसा खर्च करेगी।

बजट डॉकेट में करीब 16 दस्तावेज होते हैं, इसमें बजट भाषण होता है। इसके अलावा प्रत्येक मंत्रालय के खर्च प्रस्तावों का विस्तृत ब्योरा होता है। साथ यह रकम कहां से आएगी, इसके प्रस्ताव भी बजट में बताए जाते हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर

जबकि चुनावी साल के दौरान सरकार पूर्ण बजट यानि आम बजट न पेश कर अंतरिम बजट पेश करती हैं। अंतरिम बजट कुछ ही महीनों के लिए पेश किया जाता है। यह बजट चुनावी साल में नई सरकार के बनने तक देश के खर्चों का इंतजाम करने की औपचारिकता होती है। अंतरिम बजट में सरकार कोई भी नीतिगत फैसला नहीं ले सकती। इस बजट में डायरेक्ट टैक्स में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाता।

हालांकि सरकारें जनता को लुभाने के लिए सब्सिडी, टैक्स, आयात, उत्पादन या सर्विस टैक्स में राहत दे देती हैं। हर सरकार अपने फिस्कल प्लान्स के तहत धन का आवंटन करती हैं। गौरतलब है कि इस अंतरिम बजट के कुछ महीनों बाद नई सरकार के गठन के बाद इसी साल पूर्ण बजट भी पेश किया जाएगा।  आपको बता दें कि मोदी सरकार 1 फरवरी 2019 को अपना अंतरिम बजट पेश करेगी।