धनतेरस 2018: भगवान धन्वंतरि की आराधना का पर्व है धनतेरस, यमराज को जरूर दान करें ये 1 चीज

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New Delhi: धन्वंतरि (Dhanteras 2018) को हिन्दू धर्म में देवताओं का वैद्य माना जाता है। ये एक महान चिकित्सक थे, जिन्हें देव पद प्राप्त हुआ। मान्यताओं के अनुसार, ये भगवान विष्णु के अवतार समझे जाते हैं। इनका पृथ्वी लोक में अवतरण समुद्र मंथन के समय हुआ था।

शरद पूर्णिमा को चंद्रमा, कार्तिक द्वादशी को कामधेनु गाय, त्रयोदशी को धन्वंतरि, चतुर्दशी को काली माता और अमावस्या को भगवती लक्ष्मी जी का सागर से प्रादुर्भाव हुआ था, इसलिए दीपावली के दो दिन पूर्व त्रयोदशी को भगवान धन्वंतरि का जन्मदिवस मनाया जाता है। इसे हम धनतेरस भी कहते हैं। इसी दिन इन्होंने आयुर्वेद का भी प्रादुर्भाव किया था।

विष्णु का रूप हैं धन्वंतरि

धन्वंतरि को भगवान विष्णु का रूप कहते हैं, जिनकी चार भुजाएं हैं। ऊपर की दोंनों भुजाओं में शंख और चक्र धारण किए हुए हैं, जबकि दो अन्य भुजाओं में से एक में जलूका और औषध तथा दूसरे मे अमृत कलश लिए हुए हैं। इन्‍हें आयुर्वेद की चिकित्सा करने वाले वैद्य आरोग्य का देवता कहते हैं। इन्होंने ही अमृतमय औषधियों की खोज की थी।

इनके वंश में दिवोदास हुए, जिन्होंने ‘शल्य चिकित्सा’ का विश्व का पहला विद्यालय काशी में स्थापित किया, जिसके प्रधानाचार्य सुश्रुत बनाए गए थे। सुश्रुत दिवोदास के ही शिष्य और ॠषि विश्वामित्र के पुत्र थे। उन्होंने ही सुश्रुत संहिता लिखी थी। सुश्रुत विश्व के पहले सर्जन (शल्य चिकित्सक) थे। दीपावली के अवसर पर कार्तिक त्रयोदशी को भगवान धन्वंतरि की पूजा करते हैं। कहते हैं कि शंकर ने विषपान किया, धन्वंतरि ने अमृत प्रदान किया और इस प्रकार काशी कालजयी नगरी बन गयी।

यमराज को दान का विधान

भगवान धन्वंतरि हर प्रकार के रोगों से मुक्ति दिलाते हैं, इसलिए कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को भगवान धन्वंतरि की पूजा करना चाहिए। स्कन्द पुराण के अनुसार, इस दिन अपमृत्युनाश के लिए सायंकाल घर से बाहर यमराज के लिए दीपक का, औषधियों का दान करने का विधान है।

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धनतेरस को नए बर्तन खरीदते हैं लोग

ज्योतिष शास्त्र में क्रय-विक्रय का मुहूर्त दिया गया है, उसके अनुसार किसी भी वस्तु का क्रय करना लाभप्रद होता है। धनतेरस के दिन लोग अपने घरों में नए बर्तन ख़रीदते हैं और उनमें पकवान रखकर भगवान धन्वंतरि को अर्पित करते हैं।

धनतेरस से लेकर दीवाली तक लोग भगवान से सुख-संपत्ति और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं। दीवाली के समय किसी नए बिज़नस की शुरुआत को शुभ माना जाता है। इस दिन लोग अपने व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सफाई कर उसे अच्छी तरह सजाते हैं और लक्ष्मी के आगमन के लिए पूजा-अर्चना करते हैं।

इस दिन बर्तनों और आभूषणों की दूकानों पर काफी भीड़ देखने को मिलती है। धनतेरस के दिन जमीन, प्रॉपर्टी, कार खरीदने और किसी जगह इन्वेस्ट करने के साथ नए बिजनेस की शुरुआत करने को शुभ माना जाता है।

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