DGP बोले- रिया की औकात नहीं कि वह CM नीतीश पर उंगली उठाये, 130 करोड़ लोगों को न्याय मिला

New Delhi : सुप्रीम कोर्ट ने सुशांत प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आज बुधवार 19 अगस्त को 35 पेजों में इस आशय का आदेश जारी किया। इस आदेश के आने के बाद बिहार डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा – यह न्याय की जीत है। रिया चक्रवर्ती या उनके परिवार की यह औकात नहीं है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कुछ बोल सकें। नीतीश कुमार के सपोर्ट से ही सुशांत के परिवार वालों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। 130 करोड़ लोगों के उम्मीद को आस मिली है। यह सबकी जीत है।

रिया ने सुप्रीम कोर्ट में दायर पीटिशन में कहा था- सुशांत केस को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जा रहा है। इसकी वजह बिहार चुनाव हैं। बिहार के मुख्यमंत्री ने खुद एफआईआर दर्ज कराने में दिलचस्पी दिखाई है।

डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने मीडिया के पूछे गये सवालों का जवाब देते हुये कहा- यह साबित हो गया कि बिहार पुलिस सही काम कर रही थी। बिहार पुलिस की जांच के दौरान मुंबई पुलिस ने क्या किया, यह सबने देखा। देश की 130 करोड़ जनता सुशांत को इंसाफ दिलाने के लिये लड़ाई लड़ रही है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सभी लोग खुश हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से लोगों के मन में उम्मीद जगी है कि सुशांत सिंह के मामले में न्याय होगा। यह पूरे देश के लिए बहुत बड़ी बात है। पूरा देश सुप्रीम कोर्ट की तरफ टकटकी लगाए देख रहा था।

इधर सुप्रीम कोर्ट ने कहा – इस मामले में बिहार पुलिस द्वारा पटना में की गई एफआईआर एकदम सही थी। उसमें किसी तरह की परेशानी किसी को नहीं होनी चाहिये थी। सुशांत की गर्लफ्रेंड और लिव-इन पार्टनर रिया चक्रवर्ती ने पटना में की गई एफआईआर को मुंबई ट्रांसफर करने की अपील सुप्रीम कोर्ट में की थी। सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त को फैसला रिजर्व रखते हुए सभी पक्षों से लिखित जवाब मांगा था।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा – निष्पक्ष जांच के जरिये सही बातें सामने आयेंगी। बदनाम करने की मुहिम के शिकार बेकसूरों को इंसाफ मिलेगा।

सीबीआई जांच के फैसले से रिया चक्रवर्ती को भी न्याय मिल पायेगा। आखिर उन्होंने खुद भी इसकी मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है- बिहार पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की, वह सही थी। सीबीआई जांच की सिफारिश भी कानून के मुताबिक की गई। मुंबई पुलिस जांच में सहयोग करे, जो भी सबूत जुटाए हैं, उन्हें सीबीआई को सौंपे। कोई और एफआईआर दर्ज होती है तो, उसकी जांच भी सीबीआई करेगी। सुशांत टैलेंटेड एक्टर थे। उनके परिवार के लोग, दोस्त और फैन्स जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं, ताकि अटकलें खत्म हो सकें। इसलिए, निष्पक्ष और प्रभावी जांच जरूरी है।

बिहार सरकार ने ही इस केस की जांच सीबीआई से कराने की अनुशंसा केंद्र सरकार से की थी। बिहार सरकार की इस अनुशंसा को केंद्र सरकार ने मान लिया था। इस मामले की जांच सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज शुरू भी कर दी है।

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