दिल्ली-एनसीआर फिर से बन गया है गैस चैंबर, तापमान भी प्रदूषण की वजह से तेजी से कम हुआ

New Delhi : दिल्ली और एनसीआर में गैस का चैंबर बन गया है। दिल्ली एनसीआर की हवा की गुणवत्ता गुरुवार की सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) पर “गंभीर” हो गई। यह लेवल बढ़कर 452 तक पहुंच गया है। यह स्वास्थ्य के लिये बेहद घातक स्तर है। खासकर उनके लिये जिन्हें सांस संबंधी प्रॉब्लम्स है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, 401 और 500 के बीच AQI को गंभीर माना जाता है, जो स्वस्थ लोगों को भी बीमार कर सकता है और मौजूदा स्वास्थ्य स्थितियों को और भी ज्यादा प्रभावित कर सकता है।

एक्यूआई बुधवार दोपहर तक बहुत खराब – 301 और 400 – श्रेणी के बीच था, लेकिन मौसम की स्थिति में बदलाव के कारण तेजी से “गंभीर” हो गया। हवा की गति धीरे-धीरे कम हो गई है और बिलकुल ही हवा नहीं चल रही है जिसने रात में प्रदूषकों के फैलाव के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी। भारत मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों ने कहा है कि धुएं और प्रदूषण की एक परत बुधवार को सतह के करीब आ गई थी, जिसने धूप को रोक दिया। दिन में ही रात का एहसास होने लगा। दिन के दौरान विजिबलिटी बहुत कम हो गई। मौसम की स्थिति के कारण बुधवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस (सी) – 2 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया।
मौसम विज्ञानी विजय सोनी ने कहा है- एयर पाल्यूशन, हवा की गति कम होने और पूरे इलाके में ठंडी हवा ने इलाके में तापमान को एकाएक कम दिया है। इसी वजह से दिल्ली एनसीआर में स्मॉग की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। पूरे उत्तर भारत में हवा की रफ्तार कम हुई है लेकिन दिल्ली एनसीआर में इसका प्रभाव सबसे ज्यादा है। परिणामस्वरूप इस इलाके में प्रदूषकों का फैलाव नहीं हो पा रहा और पूरा इलाका गैस का चैंबर बन गया है। विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) के तहत एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम ने कहा था कि प्रदूषकों के मजबूत होने और जमा होने के कारण बुधवार को सुबह 10:00 बजे के बाद वायु की गुणवत्ता काफी बिगड़ने लगी है। पूर्वानुमान था कि गुरुवार को एक्यूआई बहुत खराब से गंभीर श्रेणी के उच्च अंत तक पहुंच सकता है।

पिछले दिन 10.6 डिग्री सेल्सियस की तुलना में गुरुवार को न्यूनतम तापमान बढ़कर 12.1 डिग्री सेल्सियस हो गया। गुरुवार को घना कोहरा रहा। प्रदूषण की परत के कारण न्यूनतम तापमान में वृद्धि हुई है, जो रात में सतह की गर्मी को वापस नहीं होने दे रहा।

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