दिल्ली-मुंबई विमान सेवा का न्यूनतम किराया 3500 और अधिकतम 10 हजार होगा, 7 श्रेणी में उड़ान

New Delhi : नागरिक विमानन मंत्री हरदीप पुरी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 25 मई से शुरू होने वाली घरेलू उड़ानों और किरायों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उड़ान शुरू होने के दिन से अगले तीन महीने तक के लिए किराये फिक्स कर दिये गये हैं। एयरलाइन मनमानी नहीं कर सकेंगे। दिल्ली-मुंबई का 90-120 मिनट की उड़ान का मिनिमम किराया 3 हजार 500 रुपये और मैक्सिमम 10 हजार रुपये होगा।

पुरी के साथ मौजूद रहे नागरिक विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरौला ने बताया कि 40% सीटें प्राइस बैंड के मिडपॉइंट के कम प्राइस पर बेची जाएंगी। उन्होंने उदाहरण दिया कि 3 हजार 500 रुपए से 10 हजार रुपए के प्राइस बैंड का मिडपॉइंट 6 हजार 700 रुपए होता है। यानी इस प्राइस बैंड में 40% सीटें 6 हजार 700 रुपए से कम प्राइस पर बुक करनी होंगी।
पुरी ने बताया कि जिन मेट्रो शहरों से नॉन-मेट्रो के लिए हफ्ते में 100 से ज्यादा उड़ानें हैं, उन रूट पर शुरुआत में एक तिहाई फ्लाइट ही ऑपरेट की जाएंगी। दो यात्रियों के बीच की सीट खाली रखेंगे तो भी सोशल डिस्टेंसिंग लागू नहीं हो पाएगी, इसलिए एयरलाइंस को मिडिल सीट बुक करने की परमिशन होगी। यात्रियों को प्रोटेक्टिव गियर पहनना होगा, फेस मास्क लगाना होगा और सेनिटाइजर बोटल साथ मे लेकर चलना होगा। एयरलाइंस की तरफ से यात्रा के वक्त खाना नहीं दिया जाएगा। पानी की बोतर सीट या फिर गैलरी एरिया में उपलब्ध रहेगी।

फ्लाइट के रूट को समय के आधार पर 7 कैटेगरी में बांटा गया है। 1. 40 मिनट से कम की उड़ान 2. 40-60 मिनट 3. 60-90 मिनट 4. 90-120 मिनट 5. 120-150 मिनट 6. 150-180 मिनट 7. 180-210 मिनट।
हरदीप पुरी ने कहा कि घरेलू उड़ान को लेकर मेट्रो टू मेट्रो शहरों में कुछ नियम होंगे जबकि मेट्रो टू नॉन मेट्रो शहर के लिए अलग नियम होंगे। मेट्रो शहरों में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई जैसे बड़े शहर शामिल होंगे। नागरिक उड्डनय मंत्री ने कहा कि शुरुआती तौर पर एयरपोर्ट का एक तिहाई हिस्सा ही शुरू होगा। सिर्फ 33 फीसदी विमानों को उड़ान की इजाजत दी गई है।
पुरी ने कहा कि हम ‘वंदे भारत’ अभियान के तहत विदेशों में फंसे 20,000 से अधिक भारतीय नागरिकों को विमानों से वापस लाये। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन प्रभावी साबित हुआ है, भारत उन देशों में शामिल है जहां कोरोना वायरस से मरने वाले लोगों की संख्या दुनिया में सबसे कम है। पुरी ने कहा कि 5 मई को वंदे भारत मिशन की शुरुआत हुई, आज 21 मई है और सच्चाई ये है कि हम स्थितियों को सामान्य करने और नई शुरुआत करने के मामले में पहले से ज्यादा आत्मविश्वास से भरे हुए हैं।

हम अभी भी विदेशों में फंसे उन भारतीयों को वापस लाने की कोशिश में जुटे हुए हैं, जो तनाव और मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। यही वंदे भारत मिशन का उद्देश्य है। बीते दो हफ्ते में हम वंदे भारत मिशन में तेजी लाए। इसके तहत लाने वाले लोगों की संख्या दोगुनी की, इसे और बढ़ाने का प्लान है।

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