प्रदुषण का कहर: पर्यावरण मिनिस्टर की मीटिंग जारी, पॉल्यूशन को रोकने का करेंगे इतंजाम

Delhi pollution

New Delhi: इन दिनों दिल्ली में प्रदुषण का कहर देखने को मिल रहा है। ऐसे में लगातर प्रदुषण के बढ़ते कहर को देखते हुए अब दिल्ली के पर्यावरण मिनिस्टर इमरान हुसैन अधिकारियों के साथ मीटिंग कर रहे हैं। राजधानी दिल्ली में एयर पॉल्यूशन के कहर को रोकने के लिए ख़ास इतंजाम करने का प्लान बनाया जा रहा है।

 

राजधानी की हवा हो रही जहरीली

Deli air

दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रदूषण की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही हैं। एक बार फिर दिल्ली में वायु की गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई। इस मामले पर ज्यादा जानकारी देते हुए पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण के अध्यक्ष भूरेलाल ने कहा कि आज दिल्ली में हवा की गुणवत्ता ‘poor’ श्रेणी में है। ऐसे में लगातर प्रदुषण के बढ़ते कहर को देखते हुए अब दिल्ली के पर्यावरण मिनिस्टर इमरान हुसैन ने अधिकारियों के साथ की मीटिंग कर रहे हैं। हवा की गति लगभग शून्य है, पार्टिकुलेट मैटर नहीं जा पा रहा है। इसलिए प्रदूषण भी खत्म नहीं हो रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार होगा। दरअसल राजधानी दिल्ली में बादल छाए रहना और तापमान में गिरावट है, जिसके कारण दिल्ली-एनसीआर में इनवर्जन लेयर बन रही है और ये प्रदूषक तत्व के बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, 28 दिसंबर के बाद न्यूनतम तापमान तीन डिग्री तक गिरने की संभावना है। कोहरे के कारण इस वजह से विमानों को उड़ान भरने में दिक्कत हुई। 80 उड़ानें देर से गईं।

दिल्ली के साथ अन्य इलाकों में भी प्रदुषण का कहर

बात करे अगर सबसे प्रदूषित शहर की तो प्रदूषित शहरों में गाजियाबाद देश में तीसरे और दिल्ली-एनसीआर में दूसरे नंबर पर रहा। गाजियाबाद का एक्यूआई 25 दिसंबर को 414 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। पीएम 10 में मामूली गिरावट रही। वहीं पीएम 2.5 करीब दो गुना से अधिक कम हो गया। प्रदूषण स्तर की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने साहिबाबाद की सभी फैक्ट्रियों का संचालन और निर्माण कार्य बंद कराने के आदेश दिए थे। जिसके बाद एक्यूआई में काफी गिरावट देखने को मिली।

प्रदूषित शहरों में जहां गाजियाबाद पहले नंबर पर था, वह अब तीसरे नंबर पर आ गया है। जबकि दिल्ली-एनसीआर में दूसरे नंबर पर है। दिल्ली एनसीआर में ग्रेटर नोएडा पहले नंबर पर रहा। वहां पर एक्यूआई 415 दर्ज किया गया जबकि आगरा देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। यहां पर एक्यूआई 428 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। अधिकारियों की मानें तो 25 दिसंबर से ही तेज हवा चली। इसकी वजह से प्रदूषण स्तर में कमी आई।