पूर्ण बहुमत सरकार के साथ संसद में होगा करोड़पति और दागी सांसदों का बोल-बाला

New Delhi

भारत में आम चुनाव2019 के परिणाम आ चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने इतिहास में पहली बार लगातार दूसरी बार बहुमत हासिल किया है।वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस मात्र 52सीटों पर जीत हासिल कर सका है।

भारत की जनता ने पूर्ण बहुमत वाली मजबूत सरकार का गठन किया है और कहा जा रहा है कि जनता ने जातिगत राजनीति से ऊपर उठकर वोट दिया है।

इसी बीच एडीआर की रिपोर्ट भारतीय चुनावी प्रक्रिया में धन-बल के इस्तेमाल पर अपनी चिंता जाहिर कर रही है। उसने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि इस बार के चुनाव में अब तक का सबसे अधिक धन-बल का इस्तेमाल किया गया है।

एडीआर ने पांच राष्ट्रीय दलों द्वारा इस्तेमाल किए गए धन-बल के आधार पर एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस,भाजपा,सीपीआई(एम) ने आम चुनाव 2014और 2009 के मुकाबले इस चुनाव में अधिक आपराधिक छवि के लोगों को टिकट दिया है। वहीं बीएसपी और एनसीपी ने पिछले चुनावों के मुकाबले कम आपराधिक छवि वाले लोगों को टिकट दिया है।

राष्ट्रीय पार्टी में सीपीआई(एम) में सबसे अधिक दागी उम्मीदवार थे। सीपीआई(एम) ने 58प्रतिशत दागी उम्मीदवारों को टिकट दिया था।वहीं बसपा ने सबसे कम दागी उम्मीदवारों को टिकट दिया है। उसने मात्र 22प्रतिशत दागियों को टिकट दिया है।

दूसरे नंबर पर एनसीपी ने दागियों को टिकट दिया है। जिसके 50प्रतिशत उम्मीदवार दागी हैं। तीसरे नंबर पर सत्तारूढ़ भाजपा है जिसके 40प्रतिशत प्रत्याशी दागी हैं। यदि कांग्रेस की बात की जाये तो 39प्रतिशत उम्मीदवार दागी हैं।

कांग्रेस को लगातार दूसरी बार नहीं मिलेगा नेता प्रतिपक्ष का पद

आम चुनाव2019 में करोड़पति उम्मीदवारों के मामले में राष्ट्रीय दलों में भाजपा और कांग्रेस सबसे ऊपर है। आम चुनाव2019 में भाजपा और कांग्रेस के 83प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति थे। भारतीय चुनावों के इतिहास में सबसे अधिक करोड़पति इस बार चुनावों में लड़े थे। इसके बाद एनसीपी, सीपीआई(एम) और बीएसपी का नंबर आता है।