अभी-अभी: विवादित स्थल पर नमाज की अर्जी लगाने वालों पर हाई कोर्ट गर्म, लगाया 5 लाख का जुर्माना

New Delhi: अयोध्या में विवादित भूमि पर नमाज पढ़ने की अनुमति मांगने वाली अर्जी को इलाहबाद कोर्ट ने खारिज कर दिया। साथ ही कोर्ट ने विवादित स्थल पर नमाज की अर्जी लगाने वालों पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। कोर्ट का कहना है कि, इस विवादित जमीन पर अभी कुछ भी नहीं होगा।

इलाहबाद कोर्ट ने खारिज की याचिका

राम जन्मभूमि को लेकर अभी भी मामला सुलझ नहीं। इसी बीच अब इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अयोध्या में विवादित भूमि पर नमाज पढ़ने की अनुमति मांगने वाली अर्जी खारिज कर दी। अर्जी पर नाराजगी जाहिर करते हुए हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं पर पांच लाख रुपए का जुर्माना भी लगा दिया। कोर्ट ने अर्जी खारिज करते हुए कहा कि विवादित भूमि पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती। ऐसे में अब यह मामला और भी गर्म होता नजर आ रहा है। जाहिर है पिछले दिनों अयोध्या में काफी हलचल देखने को मिली थी।

6 december babri masjid

रामजन्मभूमि विवाद

करीब 25 साल पहले रामजन्मभूमि अयोध्या में हजारों कारसेवकों ने बाबरी मस्जिद को गिरा दिया था। इस हंगामे के बाद देश भर में सांप्रदायिक दंगे हुए। इसमें हजारों लोग घायल हुए तो वहीं कई इसकी चपेट में भी आये। वहीं अयोध्या में विवादित ढांचा गिराये जाने के दिन छह दिसम्बर को हिन्दू संगठनों ने शौर्य दिवस तथा मुस्लिम संगठनों यौमे गम दिवस मनाया। ऐसे में आज भी यह मामला शांत नहीं हुआ है और कोर्ट इसको सुलझाने के लिए फैसला जल्द ही ले सकती है। वहीं अब नमाज की अर्जी को खारिज कर दिया है।

लाल कृष्ण आडवाणी ने की थी राम आंदोलन की अगुआई

बता दें कि, लाखों कारसेवकों के द्वारा विवादित ढांचे को गिराए जाने को लेकर जो आंदोलन शुरू हुआ था उसमे लाल कृष्ण आडवाणी मुख्य चेहरे थे। आंदोलन और मस्जिद गिराए जाने के बाद भी यह मुद्दा गरम रहा और बीजेपी ने सियासत की बुलंदियों को छुआ और उसको जनता से बेशुमार प्यार मिला। एक तरफ जहां कुछ सालों पहले तक भाजपा के पास मात्र 2 लोकसभा सीट थी। वहीं इस आंदोलन और विवादित ढांचे को गिराए जाने के बाद पार्टी को 85 सीट हासिल हुई थी। इससे पहले आडवाणी सितंबर 1990 में सोमनाथ से रथ लेकर मंदिर के लिए जनजागरण करने निकल पड़े थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *