छत्तीसगढ़ में CM के नाम को लेकर बढ़ी बेचैनी, सिंहदेव-बघेल के घर के बाहर लगा समर्थकों का जमावड़ा

New Delhi: 15 साल बाद छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने सत्ता में वापसी की। लेकिन अब मुख्यमंत्री के नाम पर पार्टी प्रमुख राहुल गांधी दुविधा में हैं कि वह किस उम्मीदवार को सीएम का पद सौंपे। इसको लेकर बैठकों का दौर जारी हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रदेश इकाई के चार सीनियर नेताओं- टीएस सिंह देव, ताम्रध्वज साहू, भूपेश बघेल और चरणदास महंत के साथ मुलाकात की। मुख्यमंत्री की रेस में टीएस सिंह देव और प्रदेश अध्यक्ष बघेल आगे बताए जा रहे हैं।

सीएम के नाम के ऐलान के इंतजार में कांग्रेस समर्थक टी एस सिंहदेव के घर के बाहर डटे हुए हैं। आज सीएम के नाम का ऐलान होना है। इस कड़ी में समर्थक लगातार टीएस सिंहदेव को सीएम बनाने की मांग कर रहे हैं।  वहीं कुछ ऐसा ही नजारा पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बाघेल के घर के बाहर देखने को मिला। चलिए आपको बताते हैं कि रेस में कौन-कौन हैं। सबसे पहले बात करते हैं ताम्रध्वज साहू की, ताम्रध्वज साहू कांग्रेस के सांसद हैं। वह पार्टी में ओबीसी चेहरे के तौर पर देखे जाते हैं। दुर्ग ग्रामीण सीट से जीत हासिल कर और लोकप्रियता के आधार पर ताम्रध्वज साहू मुख्यमंत्री पद के दावेदार बने।

Bhupesh Baghel

अब बात करते हैं भूपेश बघेल की, भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ कांग्रेस के जाने-पहचाने चेहरे हैं। वह पाटन सीट से विधायक हैं और अब मुख्यमंत्री पद के दावेदार भी है। हालांकि उनका नाम सीडी कांड में भी आया था। अब बारी आती हैं चरणदास महंत की, चरणदास महंत सक्ती विधानसभा सीट से जीत हासिल की। मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में से अब ये एक हैं। आखिर में बात करते हैं कि त्रिभुनेश्वर शरण सिंहदेव की, यह मौजूदा विधानसभा चुनाव में विपक्ष के नेता हैं। टीएस बाबा के नाम से जाने जाते हैं। सरगुजा के राज परिवार से संबंध रखते हैं।

मुख्यमंत्री के नाम के ऐलान को लेकर त्रिभुनेश्वर शरण सिंहदेव ने कहा कि हमारे पास 1 से ज्यादा योग्य नाम हैं, इसलिए प्रक्रिया में समय ज्यादा लग है। किसी भी मामले अंतिम परिणाम 11वें स्थान पर रहा, इसलिए आज यह 4 दिन हो गया हैं। सीएम की नियुक्ति के लिए बीजेपी ने 7-8 दिनों से ज्यादा समय लिया। आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 90 सदस्यीय विधानसभा में 68 सीटें हासि हुई हैं।

तीन राज्यों में मिली जीत के बाद कांग्रेस के सामने सबसे बड़ सवाल मुख्यमंत्री का चुनाव करना था। सबसे पहले  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पर फैसला हुआ। कमलनाथ को राज्य का मुख्यमंत्री चुना गया और इसके बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री के तौर पर अशोक गहलोत का नाम चुना गया। अब बारी छत्तीसगढ़ के है, बैठकों का दौर जारी हैं।