रणदीप सुरजेवाला का वार, मोदी पहले PM बन गए हैं, जिसके गैरकानून आदेश को SC ने खारिज किया

NEW DELHI: सुप्रीम कोर्ट छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई निदेशक आलोक कुमार वर्मा की याचिका पर सुनवाई की। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई आज छुट्टी पर हैं इसलिए ये फैसला जस्टिस संजय किशन कौल सुनाया।  कोर्ट ने आलोक वर्मा को बड़ी राहत देते हुए कहा कि केंद्र को उन्हें छुट्टी पर नहीं भेजना चाहिए था। एससी ने केंद्र के आदेश को रद्द कर दिया है। हालांकि वर्मा की सीबीआई में वापसी होगी लेकिन वो नीतिगत फैसला नहीं ले पाएंगे।

सीबीआई विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने पर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कई ट्वीट कर मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मोदी पहले पीएम बन गए हैं जिनके गैरकानूनी आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया है। उन्होंने दूसरे ट्वीट मे कहा कि मोदी जी कृपया याद रखें कि सरकारें आती और जाती हैं। संस्थानों की स्वायत्ता स्थिर रहती हैं। इसे एक सबक की तरह याद रखें।

इस फैसले को केंद्र सरकार को बड़ा झटका माना जा रहा हैं। इस पर केंद्र सरकार में वित्त मंत्री अरूण जेटली ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने सीबीआई मामले में बड़ी ईमानदारी के साथ काम किया। सीवीसी की रिपोर्ट के आधार और उनकी सिफारिश के बाद ही दोनों अफसरों को छुट्टी पर भेजा गया था, इसलिए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करना बिल्कुल गलत हैं।

 CBI

जेटली ने आगे कहा कि इस मामले पर पर अब जो सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया हैं, वह सरकार को स्वीकार्य है। सरकार फैसले का पालन करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार पहले पूरे फैसले को पढ़ेगी और उसके बाद ही कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि दोनों अफसरों को छुट्टी पर भेजे जाने का एक मकसद यह भी था कि इस मामले पर निष्पक्ष जांच हो सके। एजेंसी की साख बचाने के लिए ऐसा कदम उठाना पड़ा।

सीबीआई विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि कोर्ट ने आलोक वर्मा को CBI डायरेक्टर पद पर बहाल किया है लेकिन उन्हें कोई भी नीतिगत फैसले लेने से मना किया है। यह काफी विचित्र है और एक तरह से कह सकते हैं कि यह आंशिक जीत है। उन्होंने कहा कि एक हफ्ते के भीतर यह मामला उच्च स्तरीय कमिटी के पास आएगा जिस कमिटी में प्रधानमंत्री भी शामिल होंगे। जब आलोक वर्मा को नीतिगत फैसले लेने का अधिकार नहीं होगा तो पद पर बहाली का कोई खास मतलब नहीं है।