भगवान राम के नाम का इस्तेमाल करके लोगों को मारना उनका अपमान है: शशि थरूर

New Delhi: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने पुणे अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव में कहा कि भगवान राम के नाम का इस्तेमाल करके लोगों को मारना उनका अपमान है। यह हिंदू धर्म का अपमान है। उन्होंने मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं पर कहा कि हमने पिछले 6 वर्षों में क्या देखा है? इसकी शुरुआत पुणे में मोहसिन शेख की हत्या से हुई। फिर, मोहम्मद अखलाक को यह कहते हुए मार दिया गया कि वह गोमांस ले जा रहा है। लेकिन बाद में यह बताया गया कि यह गोमांस नहीं था। यदि यह गोमांस था भी तो किसी को एक व्यक्ति को मारने का अधिकार किसने दिया?

थरूर ने पहलू खान के केस को भी याद किया। उन्होंने कहा, ‘पहलू खान के पास भी डेयरी फार्मिंग के लिए लॉरी में गाय ले जाने का लाइसेंस था लेकिन उसे भी मौत के घाट उतार दिया गया। एक चुनाव परिणाम ने ऐसे लोगों को इतनी ताकत दी है कि वे कुछ भी करें और किसी को भी मार दें?’

उन्होंने आगे कहा, ”क्या यह हमारा भारत है? क्या यही कहता है हिन्दू धर्म? मैं भी हिंदू हूं लेकिन इस तरह का नहीं। इसके साथ ही लोगों को मारते हुए उन्हें ‘जय श्री राम’ कहने के लिए बोला जाता है। यह हिंदू धर्म का अपमान है। यह भगवान राम का अपमान है कि लोग उनके नाम का इस्तेमाल करके मारे जा रहे हैं।”

इसके साथ ही थरूर ने कहा कि जब देश की विदेश नीति की बात आती है तो राजनीतिक दलों के बीच मतभेद मायने नहीं रखते। उन्होंने कहा, ”मैं घरेलू मुद्दों पर सरकार पर निशाना साधता रहूंगा, लेकिन जब अंतरराष्ट्रीय स्थिति की बात आती है तो मुझे लगता है कि कश्मीर मुद्दे पर भारत की निंदा के लिए पाकिस्तान सबसे अयोग्य है। देखिये पाक अधिकृत कश्मीर में उन्होंने क्या किया।”

केरल से लोकसभा सांसद ने आगे कहा, देश के अंदर राजनीतिक दलों के बीच चाहे कितने ही मतभेद क्यों न हों लेकिन जब विदेश नीति और भारत के हितों की बात आती है तो यह बीजेपी या कांग्रेस की विदेश नीति नहीं रहती। यह भारत की विदेश नीति होती है।

पीएम नरेंद्र मोदी के बारे में थरूर ने कहा कि उनको वह मिलना चाहिए जिसका एक लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री हकदार है। हम उनकी राजनीति पसंद आए या न आए, फिर भी वह देश के लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री हैं। जब वह विदेश जाते हैं तो वह भारत के प्रधानमंत्री हैं और वह हमारा राष्ट्रीय ध्वज ले जाते हैं। मैं चाहता हूं कि उसी सम्मान के साथ उनकी आवभगत और व्यवहार हो जिसके हकदार मेरे देश के प्रधानमंत्री हैं।’

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