फड़णवीस पर कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण का पलट वार- टू व्हीलर से बेहतर होता है थ्री व्हीलर

New Delhi: महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले एक हफ्ते में हुए नाटकीय बदलावों के बाद आखिरकार सरकार बनने पर सहमति बन गई है। सरकार गठन का तीनों पार्टियों (शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस) का रास्ता देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री पद से और अजित पवार के उप मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद साफ हो गया है। इस्तीफा देते समय कल फडणवीस ने इस गठबंधन की आलोचना करते हुए इसे थ्री व्हीलर की सरकार बताया था जिसके ज्यादा दिन न टिकने का दावा उन्होंने किया था। अब उनकी इसी टिप्पणी का जवाब कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने दिया है। उन्होंने कहा कि टू व्हीलर से बेहतर थ्री व्हीलर होता है।

कल अपने इस्तीफे के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए फडणवीस ने तीनों दलों के गठबंधन के बारे में कहा था कि ये ज्यादा दिन नहीं चलेगा उन्होंने कहा “एक ऑटो रिक्शा जिसके तीन पहिए होते हैं आप सोचिए अगर उसके तीनों पहिए तीन अलग अलग दिशा में चलें तो क्या होगा। यही हाल इस गठबंधन का होने वाला है।”

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनाए जाने पर देरी से ही सही सहमति बन गई है। अब किसी भी अड़चन से बचने के लिए तीनों दलों ने तय किया है कि कल यानी गुरूवार को ही उन्हें शपथ दिलाई जाए। इससे पहले आज वो राजभवन में अपनी पत्नी रश्मि के साथ राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलने पहुंचे।

उध्दव ठाकरे 28 नवंबर को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। पहली बार शिवसेना परिवार का कोई नेता राज्य का मुख्यमंत्री बन रहा है। एनसीपी के महाराष्ट्र प्रमुख जयंत पाटिल ने अगले मुख्यमंत्री के रूप में उध्दव ठाकरे का नाम प्रस्तावित किया था। राज्य में कांग्रेस के प्रमुख बालासाहेब थोराट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी।

वहीं महाराष्ट्र विधानसभा का विशेष सत्र शुरू हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधायक पद की शपथ ले ली है। प्रोटेम स्पीकर कालिदास कोलंबकर ने सबसे पहले फडणवीस को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने विधानसभा में सभी विधायकों की अगवानी की। सुप्रिया सुले ने अजित पवार का गले मिलकर उनका स्वागत किया। बड़े भाई अजित पवार से गले मिलने के बाद सुले ने उनके पैर भी छुए।