बिक्री घटने से भारी संकट में ऑटो इंडस्ट्री, यात्री वाहनों की बिक्री में 41.1% की गिरावट

New Delhi : बिक्री के मोर्चे पर ऑटो कंपनियों की सेहत में कोई सुधार होता नहीं दिखाई दे रहा है। लगातार सुस्ती झेल रही इंडस्ट्री को अगस्त में भी झटका ही लगा है। कॉमर्सियल व्हीकलस की बिक्री अगस्त 2018 के मुकाबले वाणिज्यिक वाहन की बिक्री 38.7% घटकर 51,897 इकाई हो गई। यात्री वाहन की बिक्री 2018 के मुकाबले 1.96 लाख इकाई पर 31.6% घट गई। अगस्त 2018 के मुकाबले व्हीकलस का निर्यात 2.4% बढ़कर 4.2 लाख इकाई है।

सोमवार को सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने अगस्त बिक्री के आंकड़े जारी किए। इन ऑकड़ों में अगस्त 2018 के मुकाबले इस साल यात्री कार की बिक्री में 41.1% की गिरावट के साथ 1.15 लाख यूनिट्स की गिरावट दर्ज की गई, 2-व्हीलर की बिक्री 22.2% की गिरावट के साथ अगस्त 2018 के मुकाबले 15.1 लाख यूनिट कम रही।

देश में आर्थिक मंदी लगातार गहराती चली जा रही है, जिसके चलते लोगों की नौकरी जा रही है और वित्तीय सं’क’ट का ख’त’रा गहरा रहा है। हाल ही में ऑटोमोबाइल सेक्टर में गई हजारों नौकरियां चिं’ता का विषय है।तमाम कंपनियाों की हालत भी ख’स्ता है।ऐसे में सरकार को इस समस्या से उबरने के लिए मजबूत कदम उठाने की ज़रूरत है।

गौरतलब है कि हाल ही में जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में भारत का जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये से घ’टकर 98,202 करोड़ रुपये रह गया। हाल ही में जारी की गए जीडीपी के आकड़ो के अनुसार जीडीपी विकास दर भी 2019 के पहले तीमाही में 5 प्रतिशत पर आ गई है। जीडीपी, जीएसटी के बाद अब 8 कोर सेक्टीर्स की विकास दर ने भी झ’टका दिया है। जुलाई महीने में 8 कोर सेक्टीर्स की ग्रोथ घ’टकर 2.1 फीसदी पर आ गई है। जबकि पिछले वर्ष जुलाई में विकास दर 7.3 फीसदी थी।

भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तेजी से गिर रहा है। हाल ही में भारतीय रुपया इस साल के निचले स्तर 72.25 पर आ गया। इस साल अब तक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 3.5% नीचे है।