कॉलेजियम ने जस्टिस कुरैशी को मप्र की जगह त्रिपुरा हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने जस्टिस अकील कुरैशी को त्रिपुरा हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश करने का फैसला किया है। इस नियुक्ति को लेकर केंद्र सरकार ने कॉलेजियम से निवेदन किया था कि वह अपने फैसले पर दोबारा विचार करे। इसके बाद कॉलेजियम ने कुरैशी को मध्यप्रदेश हाइकोर्ट की जगह त्रिपुरा हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनाने का प्रस्ताव दिया।

भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली SC के शीर्ष पांच न्यायाधीशों की एक समिति कॉलेजियम ने सर्वसम्मति से अपनी सिफारिश को संशोधित करने का प्रस्ताव पारित किया। 5 सितंबर को दिया गया यह प्रस्ताव शुक्रवार शाम को सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर जारी किया गया।

इसमें कहा गया है- “10 मई 2019 को कॉलेजियम की सिफारिश में कहा गया था कि गुजरात हाइकोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश ए.ए. कुरैशी को मध्य प्रदेश हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया जाए। भेजी गई उक्त सिफारिश को सरकार ने 23 अगस्त और 27 अगस्त को हुए कम्युनिकेशन के जरिए चीफ जस्टिस को वापस भेज दिया था। न्याय विभाग से प्राप्त इन मैटेरियल और कम्युनिकेशन को इस कॉलेजियम के समक्ष रखा गया।

पुनर्विचार पर और 23 और 27 अगस्त को हुए कम्यूनिकेशन और मैटेरियल को ध्यान में रखते हुए कॉलेजियम 10 मई, 2019 को की गई अपनी पूर्व सिफारिश को फिर से संशोधित करने का संकल्प पारित करता है, जिसमें न्यायमूर्ति ए.ए. कुरैशी को त्रिपुरा हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किए जाने की सिफारिश की जाती है।”

कॉलेजियम ने मई में मध्य प्रदेश हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद के लिए न्यायमूर्ति कुरैशी के नाम को मंजूरी दी थी। हालांकि, सरकार ने न्यायमूर्ति कुरैशी को छोड़कर सभी सिफारिशों को स्वीकार कर लिया था।

न्यायमूर्ति कुरैशी को मध्य प्रदेश हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की केंद्र की “अनिच्छा” के खिलाफ हाल ही में गुजरात हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। जब सुप्रीम कोर्ट ने 16 सितंबर को याचिका पर सुनवाई की, तो बताया गया कि सरकार ने कॉलेजियम की सिफारिश को हाल ही में पुनर्विचार के लिए वापस भेजा है। साथ ही कॉलेजियम ने कुरैशी की नियुक्ति पर पुनर्विचार की सरकारी मांग मान ली है। जल्द ही सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर इसके फैसले को प्रकाशित किया जाएगा।

जस्टिस कुरैशी 2018 में बांबे हाईकोर्ट में स्थानांतरित किए जाने से पहले गुजरात हाई कोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश के तौर पर काम कर रहे थे। उन्हें 2004 में गुजरात हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।

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