कोल इंडिया कंपनी ने ऑस्ट्रेलिया की कोयला खनन से किया समझौता , ब्रिसबेन में खोलेगा व्यपारिक केंद्र

New Delhi – कोल इंडिया ऑस्ट्रेलिया की कोयला खनन कंपनी की हिस्सेदारी लेने के लिए बातचीत कर रही है जो 20 से 30 फीसदी के आंकड़ो में रह सकता है। इस कदम से भारतीय स्टील व अलायड कंपनियों को कोकिंग कोल कि मांग को पूरा किया जाएगा ।

कंपनी की योजना इस साल ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन में कार्यालय खोलने की है , जो विदेशी धरती पर इसका दूसरा व्यापार केंद्र होगा। पहला व्यापार केंद्र साल 2009 में मोजांबिक में स्थापित हुआ था । कोल इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा – हम ऑस्ट्रेलियाई खनन कंपनी के साथ बातचीत कर रहे हैं और बातचीत में बहुत आगे तक कुछ साकारात्मक दिशा में आगे बढ़ी है लेकिन हम सीधे खदान के अधिग्रहण का विकल्प खुला रखे हुए हैं । वह इसलिए कि ताकि फैसला यह फैसला हो सके कि कौन सा वित्तीय व परिचालन के लिहाज से ज्यादा व्यावहारिक ( प्रेक्टिकल ) है । उन्होंने भारत के उपर राय रखते हुए कहा कि अगर हमें कोकिंग कोल का अधिकार ( राइट ) मिलता है तो इसकी आपूर्ति वैश्विक कीमतों के मुकाबले कम दर पर भारत में की जा सकती है ।

जानकारी के मुताबिक सौदे के लिए शुरुआती बजट 60 अरब रुपये रखा गया है और बिक्री के लिए भारत में स्टील कंपनियों से बातचीत भी किया जा रहा है । एक विश्लेषक ने कहा कि कोल इंडिया को ऑस्ट्रेलिया फर्म में निवेश पर कम से कम 12 फीसदी रिटर्न हासिल करना होगा , जो भारतीय सरकारी कंपनियों के विदेशी विस्तार के लिए पूर्व शर्त ( अंतराष्ट्रिय मार्केट पॉलिसी ) है । अंतराष्ट्रिय विस्तार के पहले पहले ही भाग अगस्त 2009 में मोजांबिक सरकार ने कोल इंडिया को देश में कोयले की खोज व खनन का लाइसेंस दिया था , जिसके बाद वहां कंपनी ने अपनी सहायक कोल इंडिया अफ्रीका लिमिटेड (सीआईएएल) स्थापित भी किया था लेकिन बाद में पता चला कि वहां व्यापारिक उद्देश्य के लिए खनन नहीं कर सकते इसलिए बाद में कंपनी के कुछ लाइसेंस जब्त कर लिया गया ।